हरिद्वार,30 मार्च (आरएनएस)। चारधाम यात्रा से पहले हरिद्वार के ट्रैवल कारोबारी विभिन्न मुद्दों को लेकर मुखर हो गए हैं। उन्होंने सरकारी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए अनिवार्य पंजीकरण प्रक्रिया को बंद करने की मांग उठाई है। उनका कहना है कि इससे तीर्थयात्रियों को अनावश्यक परेशानी होती है। सोमवार को हरिद्वार ट्रैवल एसोसिएशन की बैठक में चारधाम यात्रा के लिए लागू पंजीकरण, ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड व्यवस्था का विरोध किया। पूर्व अध्यक्ष उमेश पालीवाल ने कहा कि आगामी चारधाम यात्रा को लेकर कारोबारियों में उत्साह है, लेकिन पंजीकरण प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में यात्री दर्शन से वंचित रह जाते हैं। पूर्व उपाध्यक्ष अखिलेश चौहान ने कहा कि पंजीकरण के साथ उत्तराखंड के वाहनों पर लागू ग्रीन कार्ड व्यवस्था को समाप्त किया जाए। उनका तर्क है कि प्रदेश के वाहन पहले से ही फिटनेस जांच और शुल्क जमा करते हैं, ऐसे में ग्रीन कार्ड का कोई औचित्य नहीं रह जाता। उन्होंने कहा कि ग्रीन कार्ड और ट्रिप कार्ड केवल बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों पर ही लागू किए जाएं। उन्होंने चेताया कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ध्यान नहीं दिया गया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा। इस बैठक में संरक्षक भगवत शर्मा, गोपाल छिब्बर, विनोद सैनी, सूरज शर्मा, राजेश बोहरा, ओविंद्र ठाकुर, उमेश गौड़, राघवेंद्र शर्मा, परेश नानावती, अभिषेक बहुगुणा, अजय गिल, राजेश, संचित, बॉबी, सचिन भार्गव मौजूद रहे।मनमानी किराया वसूली रोकने के लिए निगरानी जरूरीपूर्व महामंत्री सुमित श्रीकुंज ने कहा कि चारधाम यात्रा शुरू होने वाली है, लेकिन अभी तक सरकार ने वाहनों की किराया सूची जारी नहीं की है। उन्होंने मांग उठाई कि पहले सभी वाहनों के किराये सरकारी वेबसाइट पर सार्वजनिक किए जाएं। इससे मनमानी वसूली पर रोक लग सकेगी और तीर्थयात्रियों का शोषण नहीं होगा।
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