जांजगीर-चांपा 31 मार्च (आरएनएस) महिला सुरक्षा और सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम तब देखने को मिला जब 31 मार्च 2026 को बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग (IPS) ने महिला थाना जांजगीर का विधिवत उद्घाटन किया

और इसके साथ ही जिले में पुलिसिंग के नए तेवर साफ नजर आए, कार्यक्रम के दौरान आईजी ने साफ कहा कि यह महिला थाना सिर्फ शिकायत दर्ज करने की जगह नहीं बल्कि महिलाओं को भरोसा और सुरक्षा देने वाला मजबूत प्लेटफॉर्म बनेगा, इसी मंच से परिवार परामर्श से जुड़े काउंसलरों को उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए आईडी कार्ड और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, आईजी ने कहा कि ये काउंसलर समाज में टूटते रिश्तों को जोड़ने और विवादों को सुलझाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं,
कार्यक्रम में मौजूद महिला कमांडो टीम की भी जमकर सराहना हुई, आईजी ने उनके साहस और अनुशासन को जिले के लिए प्रेरणा बताया, इसके बाद आईजी ने प्रेस प्रतिनिधियों से सीधी बातचीत की और पुलिस की प्राथमिकताओं, महिला सुरक्षा और पारदर्शिता पर खुलकर चर्चा की, वहीं साइबर सुरक्षा को लेकर भी बड़ा फोकस दिखा, “संचार साथी” मोबाइल एप की विस्तृत जानकारी दी गई जिसमें संदिग्ध कॉल, मैसेज और व्हाट्सएप फ्रॉड की शिकायत से लेकर चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करने और फर्जी नंबरों की पहचान तक की सुविधा मौजूद है, इसके बाद आईजी ने साइबर थाना जांजगीर का निरीक्षण किया जहां उन्होंने आधुनिक तकनीकों, डिजिटल साक्ष्य और जांच प्रक्रिया को और मजबूत करने के निर्देश दिए, उन्होंने साफ कहा कि साइबर अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं इसलिए तकनीकी दक्षता और टीमवर्क बढ़ाना जरूरी है, साथ ही आम जनता को जागरूक करने के लिए विशेष अभियान चलाने पर जोर दिया गया ताकि ऑनलाइन ठगी और फर्जी कॉल जैसे अपराधों पर रोक लग सके, कार्यक्रम के दौरान जिले के गणमान्य नागरिकों को भी सम्मानित किया गया जिनके सामाजिक योगदान को आईजी ने प्रेरणादायक बताया, इसी दौरान आदिवासी गोड़ समाज के लोगों से मुलाकात कर उनके द्वारा शराब छोड़कर स्वरोजगार अपनाने की पहल की सराहना की गई, पुलिस के ड्रोन कैमरे का भी निरीक्षण किया गया और उसके रख-रखाव को लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए, इस पूरे आयोजन में कलेक्टर जन्मेजय महोबे, एसपी विजय कुमार पाण्डेय (IPS), शक्ति एसपी प्रफुल्ल कुमार ठाकुर (IPS) सहित कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और नागरिक मौजूद रहे और पूरे कार्यक्रम में सुरक्षा, तकनीक और समाज के बीच मजबूत तालमेल का संदेश साफ नजर आया।

जांजगीर से साफ संकेत—अब सुरक्षा सिर्फ कानून नहीं, बल्कि भरोसा, तकनीक और समाज के साथ मिलकर बनाया जाएगा!

