रायपुर 31 मार्च (आरएनएस) सूखा नशा और सिंथेटिक ड्रग्स के अंतर्राज्यीय नेटवर्क का सनसनीखेज खुलासा तब हुआ जब डीसीपी क्राइम एवं साइबर स्मृतिक राजनाला और डीसीपी सेंट्रल जोन उमेश प्रसाद गुप्ता की मॉनिटरिंग में एसीसीयू, एएनटीएफ और थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम ने हाईटेक “डेड ड्रॉप सिस्टम” पर चल रहे ड्रग्स सिंडिकेट को तोड़ दिया, इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड दिल्ली में बैठा महेश सिंह खड़का और कुसुम हिन्दुजा निकले जो व्हाट्सएप, लोकेशन शेयरिंग और कोरियर नेटवर्क के जरिए एमडीएमए और पार्टी पिल्स की सप्लाई कर रहे थे, पुलिस को सूचना मिली कि रैपिडो राइडर्स के माध्यम से शहर के सुनसान स्थानों पर ड्रग्स रखकर वीडियो और लोकेशन भेजकर ग्राहकों तक पहुंचाया जा रहा है, सूचना को गंभीरता से लेते हुए विशेष टीम बनाई गई, तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच और स्थानीय इनपुट के आधार पर संदिग्ध रैपिडो राइडर्स को चिन्हित किया गया, 29 मार्च को तेलीबांधा के काशीराम नगर क्षेत्र में घेराबंदी कर सौरभ डोंगरे पिता संजय डोंगरे उम्र 29 वर्ष निवासी चौरसिया कॉलोनी मस्जिद के पास थाना टिकरापारा, शुभम राठौर पिता ईश्वर प्रसाद राठौर उम्र 31 वर्ष निवासी कृष्णा नगर शर्मा अस्पताल के पास थाना टिकरापारा और सौरभ यादव पिता परमानंद यादव उम्र 21 वर्ष निवासी खमतराई पुलिस कॉलोनी थाना खमतराई को एमडीएमए ड्रग्स के साथ रंगे हाथ पकड़ा गया, पूछताछ में इन तीनों ने बताया कि उन्हें यह ड्रग्स कुणाल मंगतानी पिता संतोष मंगतानी उम्र 23 वर्ष निवासी श्रद्धा आश्रम के पास काशीराम नगर थाना तेलीबांधा द्वारा डिलीवरी के लिए दिया जाता था, पुलिस ने तत्काल कुणाल को भी गिरफ्तार किया, कड़ाई से पूछताछ में सामने आया कि इस पूरे सिंडिकेट का संचालन दिल्ली निवासी महेश सिंह खड़का पिता हीरासिंह खड़का उम्र 28 वर्ष निवासी सी-06 पंचशील विहार अपर ग्राउंड फ्लोर शेख सराय साउथ दिल्ली और कुसुम हिन्दुजा पिता स्वर्गीय भागचंद हिन्दुजा उम्र 25 वर्ष निवासी एलआईजी-40 अवंति विहार शंकर नगर थाना खम्हारडीह द्वारा किया जा रहा है, ये दोनों पूर्व में वर्ष 2024 में थाना खम्हारडीह के ड्रग्स प्रकरण में जेल भी जा चुके हैं, पुलिस टीम दिल्ली पहुंची और दोनों को ट्रेस कर रायपुर बुलाया गया जहां उनकी भूमिका सिद्ध होने पर विधिवत गिरफ्तार किया गया, पूछताछ में दोनों ने नाइजीरियन नागरिकों से ड्रग्स खरीदने की बात कबूली है, इस पूरे नेटवर्क में महेश खड़का

और कुसुम हिन्दुजा मास्टरमाइंड और नेटवर्क मैनेजर थे, कुणाल मंगतानी कोरियर से ड्रग्स रिसीव कर लोकल सप्लाई का जिम्मेदार था, जबकि सौरभ यादव, शुभम राठौर और सौरभ डोंगरे रैपिडो राइडर के रूप में डेड ड्रॉप लोकेशन पर ड्रग्स रखकर डिलीवरी करते थे, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 48.03 ग्राम एमडीएमए ड्रग्स जिसकी कीमत करीब 7 लाख रुपये, 8 पार्टी पिल्स, 9 मोबाइल फोन, स्प्लेंडर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 04 NG 8529 और ड्रग्स सप्लाई में इस्तेमाल कुरियर बॉक्स जब्त किया है, कुल जब्ती लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है, आरोपियों के खिलाफ थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 146/26 धारा 22(ख) नारकोटिक एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है और नेटवर्क के अन्य कनेक्शन खंगाले जा रहे हैं, इस कार्रवाई से कई राज्यों में फैले ड्रग्स तस्करी के चेन को तोड़ने में बड़ी सफलता मिली है।

