नई दिल्ली ,31 मार्च,(आरएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त एक विशेष समिति को 15,000 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति वापस सौंप दी है, ताकि चंडीगढ़ स्थित पीएसीएल (पर्ल्स ग्रुप) द्वारा पोंजी घोटाले में ठगे गए निवेशकों को उनका बकाया वापस मिल सके। कथित धोखाधड़ी की अनुमानित राशि 48,000 करोड़ रुपये है। ईडी ने सोमवार को एक बयान में कहा कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए) की एक विशेष अदालत ने करीब 15,582 करोड़ रुपये के मौजूदा बाजार मूल्य वाली 455 अचल संपत्तियों को जस्टिस लोढ़ा समिति को वापस सौंपने का आदेश दिया है।
पीएमएलए के तहत, प्रभावित संस्थाओं या धोखाधड़ी के पीडि़तों जैसे ठगे गए बैंकों, जमाकर्ताओं और घर खरीदारों को उनकी संपत्तियों की वापसी या बहाली एक उपलब्ध उपाय है। जुलाई 2016 से चल रही ईडी की जांच पीएसीएल लि., उसके दिवंगत प्रमोटर निर्मल सिंह भंगू और कुछ अन्य लोगों के खिलाफ 2014 में दर्ज किए गए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के एक मामले से जुड़ी है
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