आबू धाबी,01 अपै्रल। पश्चिम एशिया में तनाव के बीच संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने फैसला किया है कि वह होर्मुज जलडमरूमध्य को बलपूर्वक खुलवाने के लिए अमेरिका की मदद को तैयार है। अगर ऐसा होता है तो यूएई फारस की खाड़ी का पहला देश बन जाएगा, जो सीधे तौर पर इस संघर्ष में शामिल होगा। इससे खाड़ी देशों पर ईरानी हमले और तेज हो सकते हैं। बता दें कि होर्मुज को खुलवाने के लिए अमेरिका को अपने सहयोगी देशों से निराशा मिली है।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई अब ईरान के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई की अनुमति देने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव के लिए दबाव डाल रहा है। देश के राजनयिकों ने भी अमेरिका, यूरोप और एशिया की सैन्य शक्तियों से होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए एक गठबंधन बनाने का आह्वान किया है। यूएई का मानना है कि जो देश हिचकिचा रहे हैं, वो संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मंजूरी के बाद सामने आएंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई के इस प्रस्ताव का परिषद में रूस-चीन विरोध कर वीटो से रोक सकते हैं। बताया जा रहा है कि अगर प्रस्ताव पारित नहीं होगा, तो भी यूएई सैन्य अभियान में सहयोग देगा। इसमें बारूदी सुरंगों को हटाने और अन्य सहायता शामिल है। यूएई ने अमेरिका को होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थित द्वीपों पर नियंत्रण का सुझाव दिया है, जिसमें 5 दशक से ईरानी कब्जे वाला अबू मूसा द्वीप भी शामिल है, जिस पर यूएई दावा करता है।
युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान ने 2 मार्च को अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका-इजरायल और उसके सहयोगी देशों के लिए बंद कर दिया है, जो वैश्विक ईंधन आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग है। रिपोर्ट के मुताबिक, यूएई के पास सैन्य अड्डे, जेबेल अली में गहरा बंदरगाह और होर्मुज जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास एक स्थान है, जिससे वह अमेरिका की मदद कर सकता है। इससे द्वीपों पर नियंत्रण और वाणिज्यिक टैंकरों की सुरक्षित निकासी हो सकती है।
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