० एआई – हैकाथॉन 2026 बच्चों ने हैकाथॉन में दिखाया नवाचार और तकनीकी कौशल
दंतेवाड़ा, 01 अप्रैल (आरएनएस)। दूरस्थ एवं आदिवासी अंचल दंतेवाड़ा में शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत अब बच्चे आधुनिक तकनीक एआइ से जुड़कर अपने भविष्य को नए आयाम दे रहे हैं। जिला प्रशासन दंतेवाड़ा द्वारा नव गुरूकुल फाऊडेशन के तकनीकी सहयोग से तथा समग्र शिक्षा के अंतर्गत संचालित पोटा केबिन विद्यालयों एवं कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालयों में शिक्षा सत्र 2025-26 में डिजिटल साक्षरता एवं करियर एक्सपलोरेशन विथ एआई कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है।
इसी क्रम में 29 मार्च, रविवार को एजुकेशन सिटी जावांगा स्थित नवगुरुकुल परिसर में एक दिवसीय करियर एक्सपलोरेशन विथ एआई – हैकाथॉन 2026 का आयोजन माननीय जिला कलेक्टर देवेश कुमार ध्रुव के निर्देशन एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला पंचायत जयंंत नाहटा के मार्गदर्शन में किया गया।
इस हैकाथॉन में जिले के 22 विद्यालयों से कुल 229 छात्र-छात्राएं, 59 टीमों के रूप में सहभागी हुए। विद्यार्थियों ने
Environment & Sustainability, School & Community Issues, Health & Nutrition, Smart Farming एवं Daily Life Solutions जैसे विषयों पर कार्य करते हुए स्थानीय समस्याओं के समाधान खोजे।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को विभिन्न समस्याएं दी गईं, जिनका उन्होंने AI टूल्स की सहायता से विश्लेषण कर समाधान विकसित किया। इन समाधानों को उन्होंने पावरपॉइंट प्रस्तुति, पोस्टर एवं चैटबॉट जैसे माध्यमों से प्रस्तुत किया। सभी टीमों ने अत्यंत उत्साह, रचनात्मकता एवं टीमवर्क का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया।
हैकाथॉन के दौरान मुख्य कार्यपालन अधिकारी जयंंत नाहटा ने विद्यार्थियों की तकनीकी समझ को देखकर आश्चर्य एवं प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा के दूरस्थ क्षेत्रों से आए कक्षा 6 से 8 तक के बच्चे आज ChatGPT, Gemini, Gamma AI, Portkey, Google Slides एवं Canva जैसे आधुनिक टूल्स का प्रभावी उपयोग कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को यह भी समझाया कि AI का उपयोग करते समय सतर्कता, अपनी समझ और विवेक का उपयोग करना आवश्यक है तथा किसी भी जानकारी पर पूर्ण रूप से निर्भर होने के बजाय उसे परखना चाहिए।
विधायक दंतेवाड़ा चैतराम अटामी ने कार्यक्रम का अवलोकन कर विद्यार्थियों से संवाद किया और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक तकनीकी कौशल का ज्ञान आज के समय की आवश्यकता है।
समापन समारोह का आयोजन जावांगा स्थित ऑडिटोरियम में किया गया, जिसमें जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुदामी, उपाध्यक्ष एवं शिक्षा समिति अध्यक्ष अरविंद कुंजाम, तथा जनपद पंचायत दंतेवाड़ा के उपाध्यक्ष रमेश गावड़े उपस्थित रहे। इस अवसर पर प्रत्येक थीम के लिए एक-एक विजेता की घोषणा की गई। अतिथियों ने विद्यार्थियों से प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर विद्यार्थियों ने AI की सहायता से खोजकर प्रस्तुत किया, जिससे वे अत्यंत प्रभावित हुए।
इस अवसर पर पोटा केबिन बचेली के विद्यार्थियों द्वारा विकसित एक AI आधारित चैटबॉट, जो परीक्षा की तैयारी के दौरान विद्यार्थियों को दैनिक योजना बनाने एवं तनाव प्रबंधन में सहायता करता है, विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। वहीं पोटा केबिन कारली के विद्यार्थियों द्वारा प्लास्टिक के दुष्प्रभाव पर आधारित प्रस्तुति एवं पोस्टर ने सभी को प्रभावित किया।
जिला पंचायत अध्यक्ष नंदलाल मुदामी ने अपने संबोधन में कहा कि दंतेवाड़ा के अनेक बच्चों ने सीमित संसाधनों में भी जिले का नाम रोशन किया है। अब AI जैसे आधुनिक कौशलों से जुड़कर ये बच्चे और भी आगे बढ़ सकते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे भविष्य में डॉक्टर, इंजीनियर, आईएएस अधिकारी बनकर अपने माता-पिता, शिक्षकों एवं जिले का नाम रोशन करें।
वहीं अरविंद कुंजाम ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक सीखते समय हमें अपने पारंपरिक ज्ञान, पर्यावरण एवं समाज के प्रति जिम्मेदारी को भी नहीं भूलना चाहिए।
जिला मिशन समन्वयक हरीश गौतम ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्यक्रम जिले के 22 विद्यालयों में अत्यंत कम लागत में संचालित किया जा रहा है। इस पहल की विशेषता यह है कि AI Facilitators के रूप में कार्य कर रहे युवा स्वयं दंतेवाड़ा के हैं, जिन्होंने नवगुरुकुल से प्रशिक्षण प्राप्त कर अब अपने ही जिले के बच्चों को प्रशिक्षित कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जनप्रतिनिधियों एवं जिला पंचायत के सतत सहयोग से दंतेवाड़ा शिक्षा में नवाचार के लिए एक नई पहचान बना रहा है।
इस हैकाथॉन में निर्णायक के रूप में बी.के. शर्मा (प्राचार्य, आस्था विद्यामंदिर), राकेश मिश्रा (कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, गीदम), राघवेंद्र (पॉलिटेक्निक, गीदम), प्रिया वाडेकर एवं मेनका (बचपन बनाओ) ने सहभागिता की।
कार्यक्रम के सफल संचालन में सहायक परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा राजेंद्र पांडे के नेतृत्व में सभी अधीक्षक, अनुदेशक एवं AI Facilitators का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
यह आयोजन न केवल विद्यार्थियों के लिए सीखने का एक सशक्त मंच बना, बल्कि दंतेवाड़ा को शिक्षा में नवाचार के क्षेत्र में एक नई दिशा प्रदान कर रहा है।
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