दुर्गं, 01 अप्रैल (आरएनएस)। भिलाई नगर निगम क्षेत्र के खम्हरिया वार्ड में बुधवार को सड़क चौड़ीकरण को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। पीडब्ल्यूडी विभाग की टीम जब तोडफ़ोड़ की कार्रवाई के लिए बुलडोजर लेकर पहुंची, तो स्थानीय लोगों ने इसका जमकर विरोध किया। देखते ही देखते सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और पुरुष सड़कों पर उतर आए और सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया।
बिना सूचना कार्रवाई का आरोप
प्रदर्शन कर रहे रहवासियों का कहना है कि उन्हें पहले से कोई सूचना नहीं दी गई और अचानक उनके घरों पर बुलडोजर चलाने की कोशिश की गई। सड़क चौड़ीकरण योजना के तहत नाली निर्माण के लिए तय सीमा में करीब 50 से अधिक घर आ रहे हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ गई।
सड़क पर उतरे लोग, जमकर नारेबाजी
जैसे ही तोडफ़ोड़ की शुरुआत हुई, स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए और विरोध में सड़क पर बैठ गए। लोगों का कहना है कि बिना पुनर्वास की व्यवस्था किए घर तोडऩा अन्यायपूर्ण है।
राजनीतिक समर्थन भी मिला
घटना की जानकारी मिलते ही शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश चंद्राकर मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया। उन्होंने प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि परीक्षाओं के समय लोगों को बेघर करना गलत है और पहले वैकल्पिक व्यवस्था की जानी चाहिए।
फिलहाल रुकी कार्रवाई
विरोध और हंगामे के बाद प्रशासन ने फिलहाल 15 दिनों तक तोडफ़ोड़ की कार्रवाई रोकने पर सहमति जताई है। वहीं, सड़क जाम के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की।
अब प्रभावित लोग जिला कलेक्टर और निगम आयुक्त से मुलाकात कर पुनर्वास की मांग रखेंगे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच चर्चा के बाद ही आगे की कार्रवाई तय होगी।
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