0पेयजल संकट से निपटने प्रशासन सख्त, धमतरी बना जलाभावग्रस्त क्षेत्र
धमतरी,02 अप्रैल (आरएनएस)। धमतरी जिले में औसत वर्षा से कम वर्षा होने तथा आल्पवृष्टि, खण्डवृष्टि के कारण भूमिगत जल स्तर में परिलक्षित हो रही गिरावट के फलस्वरूप लोक स्वाथ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा निर्मित किये गये विभिन्न पेयजल स्त्रोतों जैसे-हैण्डपंप, नलजल प्रदाय योजना, सिंगल फेस पावर पंप एवं सोलर योजनाओं इत्यादि से जल की आपूर्ति प्रभावित होने की संभावना तथा ग्रीष्मऋतु में इसके और भी गहराने की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए, पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित करने एवं पेयजल की निरंतरता बनाये रखने के लिए छत्तीसगढ़, पेयजल परिरक्षण अधिनियम के अंतर्गत प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी, अबिनाश मिश्रा ने सम्पूर्ण जिले को 10 मार्च 2026 से आगामी मानसून आगमन तक अथवा 30 जून, 2026 तक जलाभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। कलेक्टर की अनुज्ञा के बिना जल अभावग्रस्त क्षेत्र में जल स्त्रोत से सिंचन या औद्योगिक प्रयोजन के लिये या अन्य प्रयोजन के लिये जल लेने का प्रतिवेध। उक्त आदेश में यह निर्देश भी होगा कि अधिनियम के अंतर्गत- इस शर्त के अध्यधीन होगा कि कलेक्टर, उन कारणों से, जो लेखबद्ध किये जायेंगे, आदेश द्वारा, जल स्त्रोत से ऐसी कालावधि के लिये, जो ऐसे आदेश में विनिर्दिष्ट की जाये, जल के लिये जाने का प्रतिवेध कर सकेगा। यदि उसकी राय में ऐसे जल स्त्रोत से विनिर्दिष्ट कालावधि के दौरान जल के लिये जाने का लोकहित में प्रतिषेध करना इस उद्देश्य से आवश्यक है कि ऐसे जल स्त्रोत से जनता को घरेलू प्रयोजनों के लिए जल के प्रदाय को सुनिश्चित करने के लिये जल का परिक्षण किया जा सके। धमतरी जिले में उपरोक्त अवधि में सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप पेयजल अथवा पेयजल के अलावा किसी अन्य प्रयोजन के लिए खनन नहीं किया जा सकेगा, लेकिन शासकीय एजेन्सी जैसे-लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सम्पूर्ण जिले में तथा नगर पालिक निगम एवं नगर पंचायतों को केवल पेयजल हेतु अपने नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी। उन्हें केवल इस अवधि में खनन कराये गये नलकूपों की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को भेजना होगा। उक्त आदेश के सफल क्रियान्वत हेतु कलेक्टर ने प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया जाता है – प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। उन्होंने अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी धमतरी को धमतरी नगर निगम सीमा के अंतर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र, अनुविभागीय अधिकारी (रा) धमतरी को राजस्व अनुविभाग धमतरी के अंतर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र, अनुविभागीय अधिकारी (रा) कुरूद को राजस्व अनुविभाग कुरूद के अंतर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र तथा अनुविभागीय अधिकारी (रा) नगरी को राजस्व अनुविभाग नगरी के अंतर्गत सम्पूर्ण क्षेत्र के लिए प्राधिकृत अधिकारी नियुक्त किया है। यह अधिकारी अपने प्राधिकृत क्षेत्रों में छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियम में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार उक्त अधिनियम के उल्लंघन में नलकूप खनन पाया जाता है या जल स्त्रोतों का दोहन करते पाया जाता है, तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। यह आदेश तत्काल से प्रभावशील होगा।
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