ऋषिकेश 2 अप्रैल (आरएनएस)। स्वामी राम हिमालयन विवि (एसआरएचयू) के हिमालयन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (हिम्स) जौलीग्रांट में रिसर्च प्रोटोकॉल डेवलपमेंट एवं ग्रांट रेडीनेस विषय पर गुरुवार को कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें विभिन्न संस्थानों से आए शिक्षकों, वैज्ञानिकों और शोधार्थियों ने प्रतिभाग किया। बीसी रॉय सभागार में कम्युनिटी मेडिसिन विभाग और जैव-सांख्यिकी विभाग की ओर से आयोजित कार्यशाला में कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए रिसर्च अत्यंत आवश्यक है। इसलिए सभी को इसमें सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए। प्रति कुलपति डॉ. अशोक कुमार देवरारी ने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी होती हैं, जिससे वे बेहतर शोध कार्य करने और विभिन्न ग्रांट प्राप्त करने के लिए प्रेरित होते हैं। वहीं प्रिंसिपल (एडमिनिस्ट्रेशन) डॉ. रेनू धस्माना ने कहा कि वर्तमान समय में बेहतर स्वास्थ्य समाधान के लिए बहु-विषयक सहयोग आवश्यक है। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञ डॉ. सुनीला गर्ग, डॉ. विकास धीखव और डॉ. रवलीन कौर ने प्रतिभागियों को प्रभावी रिसर्च करने, मजबूत प्रोटोकॉल तैयार करने और रिसर्च ग्रांट प्राप्त करने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। समापन सत्र में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर डॉ. जयंती सेमवाल, डॉ. अवनी गुप्ता, डॉ. आंचल, डॉ. साहिल, डॉ. इप्शिता, डॉ. पोर्टिया, आकांक्षा उनियाल, अभिनव बहुगुणा और आकाश कृषाली आदि उपस्थित रहे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

