नई दिल्ली ,03 अपै्रल ,। देश के कई हिस्सों में रसोई गैस (रुक्कत्र) की कमी को लेकर फैल रही भ्रामक खबरों और अफवाहों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। इस अफवाह के कारण बाजारों में अचानक पैनिक बायिंग (घबराहट में खरीदारी) का माहौल देखने को मिल रहा है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्रालय (रूशक्कहृत्र) ने स्थिति को संभालने के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को एक अहम पत्र लिखा है। केंद्र ने साफ कहा है कि रसोई गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन जनता के बीच सही जानकारी पहुंचाने में कई राज्य पीछे छूट रहे हैं, जो चिंता का विषय है।
अफवाहों और पैनिक बायिंग ने बढ़ाई सरकार की टेंशन
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने राज्यों को लिखे अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि कुछ क्षेत्रों में अभी भी लगातार गलत जानकारी और अफवाहें फैलाई जा रही हैं। इसके कारण आम जनता के मन में अनावश्यक डर बैठ गया है और लोग जरूरत से ज्यादा गैस सिलेंडर बुक या स्टोर कर रहे हैं। मंत्रालय ने राज्यों से अपील की है कि वे अपनी संचार व्यवस्था को तुरंत प्रभाव से मजबूत करें। वर्तमान में उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, केरल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, नागालैंड, ओडिशा और उत्तराखंड जैसे केवल 17 राज्य और केंद्र शासित प्रदेश ही नियमित रूप से प्रेस ब्रीफिंग कर रहे हैं। केंद्र ने बाकी सभी राज्यों को भी तुरंत इसी तरह के ठोस कदम उठाने का निर्देश दिया है।
कालाबाजारी पर कड़े एक्शन और रोजाना प्रेस ब्रीफिंग की सलाह
मंत्रालय ने हालात को काबू में करने के लिए सभी राज्यों को सलाह दी है कि वे वरिष्ठ अधिकारियों के स्तर पर रोजाना प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करें। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक और सोशल मीडिया के जरिए जनता तक सही और सटीक जानकारी समय पर पहुंचाई जाए, ताकि लोगों को एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता और सुचारु वितरण का पूरा भरोसा मिल सके। सिर्फ अफवाहों को रोकना ही काफी नहीं है, बल्कि केंद्र ने राज्यों को जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ भी बेहद सख्त कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन को स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि ऐसी अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए लगातार छापेमारी और निगरानी की जाए।
आखिर क्यों फैल रही है रसोई गैस खत्म होने की दहशत?
आपको बता दें कि अफवाहों का यह बाजार हाल ही में पश्चिम एशिया में शुरू हुए भू-राजनीतिक तनाव के कारण गर्म हुआ है। 27 मार्च को मंत्रालय ने एक चेतावनी जारी की थी, जिसमें बताया गया था कि इन अंतरराष्ट्रीय तनावों के कारण वैश्विक सप्लाई चेन पर असर पड़ सकता है। इसी बयान को तोड़-मरोड़ कर सोशल मीडिया पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की भारी किल्लत व आसमान छूती कीमतों की फर्जी खबरें तेजी से फैलाई जाने लगीं। इन्हीं बेबुनियाद खबरों के चलते घरेलू वितरण प्रणाली पर अचानक भारी दबाव आ गया है और लोग दहशत में आकर एलपीजी की जमाखोरी कर रहे हैं।
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