बिलासपुर, 03 अप्रैल (आरएनएस)। रेलवे में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक से करीब 15 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। इस मामले में तोरवा पुलिस ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी मां-बेटी विशाखापत्तनम की रहने वाली बताई जा रही हैं और घटना के बाद से फरार हैं।
पुलिस के मुताबिक, साई भूमि निवासी 68 वर्षीय एन. वेंकट सूर्यप्रताप ने शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि अगस्त 2020 में उनकी बचपन की परिचित टी. इंद्राणी ने फोन कर उनके बेटे एन. विजय किशन को रेलवे में नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाया। पुरानी पहचान का फायदा उठाकर आरोपी ने परिवार का विश्वास जीत लिया।
आरोपियों ने ठगी को अंजाम देने के लिए डिजिटल तरीकों का सहारा लिया। फर्जी ईमेल आईडी बनाकर खुद को रेल मंत्रालय से जुड़ा बताया गया और 23 मई 2024 को एक नकली नियुक्ति पत्र भी भेजा गया, जो पूरी तरह असली जैसा दिखता था। इससे पीडि़त को भरोसा दिलाया गया कि भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
इंद्राणी ने रकम अपनी बेटी वलिवेटी वेंकट नागा कीर्ति के बैंक खाते में जमा कराने को कहा। पीडि़त ने कुल 18 किश्तों में करीब 15 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। आरोपी कभी कोरोना महामारी तो कभी चुनाव का हवाला देकर समय टालते रहे।
जब लंबे समय तक नौकरी नहीं मिली और आरोपियों ने और पैसे की मांग शुरू की, तब पीडि़त को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, ईमेल आईडी और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रही है। दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी गई है।
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