लखनऊ 3 अप्रैल (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा सौदागर की तरह काम कर रही है और देश की संपत्तियों को बेचने का कार्य कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा का लक्ष्य केवल मुनाफा कमाना है, जिसके कारण भ्रष्टाचार और महंगाई लगातार बढ़ रही है तथा पढ़े-लिखे नौजवानों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय, लखनऊ में पार्टी के युवा संगठनों के राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक के बाद आयोजित प्रेस वार्ता में अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने निवेश के बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन वास्तविक निवेश नहीं आया। उन्होंने कहा कि भाजपा संविधान के बजाय मनविधान से चलती है और लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करने का प्रयास कर रही है।उन्होंने बताया कि युवा संगठनों की बैठक में बड़ी संख्या में नौजवान शामिल हुए और यह निर्णय लिया गया कि संविधान निर्माता बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती 14 अप्रैल 2026 को सेक्टर और गांव स्तर पर मनाई जाएगी। इस दौरान गांव-गांव में संविधान पर आ रहे संकट की चर्चा की जाएगी।अखिलेश यादव ने कहा कि वर्तमान समय अमृत काल नहीं बल्कि संकट काल है। उन्होंने आरोप लगाया कि संतों के साथ हिंसा और अपमान की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर के संविधान, डॉ. राममनोहर लोहिया के विचारों और नेताजी के समाजवादी सिद्धांतों के आधार पर समाज को नई दिशा देना चाहती है। समाजवादी पार्टी लोकतंत्र में विश्वास करती है, जबकि भाजपा एकतंत्र की ओर बढ़ रही है।उन्होंने कहा कि संविधान नागरिकों के अधिकारों की बुनियाद है और भाजपा संस्थाओं का दुरुपयोग कर इस बुनियाद को कमजोर करना चाहती है। उन्होंने कहा कि पीडीए समाज के लोग एकजुट होकर पीडि़त, दुखी और अपमानित लोगों को साथ लेकर वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में भाजपा को पराजित करेंगे और प्रदेश में पुन: समाजवादी सरकार बनाएंगे।अखिलेश यादव ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के क्षेत्रों में भी दिनदहाड़े हत्याएं हो रही हैं, जिससे कानून-व्यवस्था की स्थिति स्पष्ट होती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार मादक पदार्थों की बरामदगी हो रही है, जो सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न खड़ा करती है।उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को लेकर आरोप लगाया कि प्राथमिक शिक्षा की स्थिति खराब हो गई है और गरीब परिवारों के बच्चों के स्कूल बंद किए जा रहे हैं। स्वास्थ्य सेवाओं पर भी सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि गलत ऑपरेशन हो रहे हैं और मरीजों को पर्याप्त दवा व इलाज नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने इसे स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताया।
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी पीडीए समाज के साथ सकारात्मक और प्रगतिशील तरीके से आगे बढ़ेगी तथा भाजपा की तरह नकारात्मक राजनीति नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के अब कुछ ही दिन शेष हैं और जनता बदलाव के लिए तैयार है।उन्होंने युवा नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि समाजवादी विचारधारा को मजबूत करते हुए भाजपा की नीतियों का लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला करें। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार जनता की आवाज दबा रही है और महिलाओं की समस्याओं की अनदेखी कर रही है। उन्होंने कहा कि आधी आबादी महिलाओं के सम्मान और न्याय के लिए सरकार बदलना आवश्यक है।अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादी सरकार के दौरान शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए गए थे, जिसका लाभ विशेष रूप से कोविड काल में देखने को मिला। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर लोकतंत्र को मजबूत किया जाएगा और लोगों को अपनी बात रखने की पूरी स्वतंत्रता मिलेगी।उन्होंने उद्योग, कृषि और बिजली क्षेत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भाजपा सरकार की नीतियों के कारण औद्योगिक गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और किसान संकट का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बिजली उत्पादन के नए संयंत्र स्थापित नहीं किए गए, जबकि समाजवादी सरकार के दौरान कई पावर प्लांट स्थापित किए गए थे।अखिलेश यादव ने लखनऊ में बनाए गए ग्रीन कॉरिडोर की डिजाइन पर भी सवाल उठाते हुए इसे अव्यवस्थित परियोजना बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने कई सार्वजनिक परिसंपत्तियों को बेचने का कार्य किया है और प्रदेश के विकास कार्यों को प्रभावित किया है।
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