रायपुर, 03 अप्रैल (आरएनएस)। राजधानी के मौदहापारा थाना क्षेत्र में 39 लाख रुपये की बड़ी ठगी के मामले में मुख्य आरोपी मोहम्मद इमरान नवाब को अदालत से बड़ा झटका लगा है। गिरफ्तारी से बचने के लिए दायर की गई उसकी अग्रिम जमानत याचिका को 9 अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश (कोर्ट नंबर 86) ने 2 अप्रैल 2026 को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया।
पीडि़त मोहम्मद शाहनवाज ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की विस्तृत शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि इमरान नवाब ने सुनियोजित तरीके से उनसे कुल 39 लाख रुपये की ठगी की। मामले में शिकायतकर्ता द्वारा पर्याप्त साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बावजूद मौदहापारा पुलिस ने एफआईआर दर्ज करने में करीब 135 दिनों की देरी की, जिससे आरोपी को फरार होने और सबूत प्रभावित करने का मौका मिल गया।
बाद में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी), 406 (अमानत में खयानत) और 506 (धमकी) के तहत मामला दर्ज किया। गिरफ्तारी की आशंका के चलते फरार आरोपी ने अपने वकील एस.के. फरहान के माध्यम से अग्रिम जमानत के लिए याचिका दायर की थी, जिसे अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए खारिज कर दिया।
अब जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपी की गिरफ्तारी का रास्ता साफ हो गया है। ऐसे में 135 दिनों की देरी के बाद अब मौदहापारा पुलिस की कार्यशैली पर नजरें टिकी हैं कि वह कितनी तेजी से आरोपी को गिरफ्तार कर पीडि़त को न्याय दिला पाती है।
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