कोटद्वार,04 अपै्रल (आरएनएस)। वेलकम गेट से डेरियाखाल तक स्ट्रीट लाइट नहीं होने से लोगों का शाम होते ही चलना मुश्किल हो गया है। शाम होते ही गुलदार के धमकने का खतरा सता रहा है। वेलकम गेट से लैंसडौन छावनी की सीमा शुरू हो जाती है। यहां से जिला सैनिक कल्याण कार्यालय तक सेना के संस्थान एमईएस की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था है। सिविल क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट की जिम्मेदारी छावनी परिषद की है। जिला सैनिक कल्याण कार्यालय से कोटद्वार मार्ग पर वेलकम गेट तक एमईएस विभाग ने स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था की है लेकिन वेलकम गेट से डेरियाखाल तक के मार्ग पर स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं होने से लोग परेशान हैं। बाडियूं के पूर्व प्रधान एवं वर्तमान प्रधान पति विनोद नेगी कहते हैं कि वेलकम गेट से डेरियाखाल तक मार्ग पर स्ट्रीट लाइट न होने से वन्य जीवों का खतरा बना है। पैदल राहगीर एवं दुपहिया वाहन चालकों का कई बार गुलदार से आमना-सामना हुआ है। ग्राम सभा के पास बजट का अभाव होने से तीन किमी दूरी तक स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। विधायक निधि से स्ट्रीट लाइट व्यवस्था का अनुरोध किया गया है। लैंसडौन होटल एसोसिएशन जीएम ग्रुप के अध्यक्ष सक्षम खंडेलवाल कहते हैं कि डेरियाखाल होटल हब का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। डेरियाखाल से लैंसडौन वेलकम गेट तक स्ट्रीट लाइट नहीं होने से दिक्कत हो रही है। एसडीओ नवीन मैंदोला ने कहा कि स्ट्रीट लाइट का प्रबंधन ग्राम पंचायत के जिम्मे होता है। विधायक की संस्तुति पर स्ट्रीट लाइट लग सकती है।
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