जशपुर 5 अप्रैल (आरएनएस) बगीचा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है जहां अंधविश्वास ने इंसानियत को कुचल दिया और एक 71 वर्षीय असहाय बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या कर दी गई, मामला ग्राम गीतारी पानी का है जहां 04 अप्रैल 2026 की सुबह उस वक्त सनसनी फैल गई जब प्रार्थी सुखेश्वर राम की मां रोज की तरह अपनी बड़ी मां फूलमइत बाई के लिए खाना लेकर उनके प्रधानमंत्री आवास पहुंची और देखा कि वह घर के अंदर मृत हालत में पड़ी हैं, शक होने पर परिजनों को सूचना दी गई और जब कंबल हटाकर देखा गया तो सिर और चेहरे पर गहरे चोट के निशान मिले और पास में लकड़ी का डंडा पड़ा हुआ था, जिससे साफ हो गया कि हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई है, जांच के दौरान गांव वालों ने खुलासा किया कि गांव का ही छदनु राम उम्र 30 वर्ष निवासी गीतारी पानी, थाना कुनकुरी को लंबे समय से यह शक था कि उसके परिवार के लोग बार-बार बीमार पड़ रहे हैं और इसके पीछे फूलमइत बाई का जादू-टोना है, इसी अंधविश्वास ने उसे इतना अंधा बना दिया कि उसने 03 अप्रैल की रात करीब 9 बजे अकेली रह रही, लकवाग्रस्त और चलने-फिरने में असमर्थ बुजुर्ग महिला के घर में घुसकर पास में पड़े लकड़ी के डंडे से सिर और चेहरे पर ताबड़तोड़ वार कर दिया, जिससे मौके पर ही महिला की मौत हो गई, घटना की सूचना मिलते ही थाना बगीचा पुलिस ने तुरंत बीएनएस की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज कर मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा और पोस्टमार्टम कराया जिसमें डॉक्टरों ने साफ किया कि मौत शरीर पर लगी गंभीर चोटों के कारण हत्यात्मक है, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके घर से हिरासत में लिया और पूछताछ में उसने पूरा अपराध कबूल कर लिया, आरोपी के कब्जे से हत्या में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा भी जब्त किया गया और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया, इस कार्रवाई में सहायक उप निरीक्षक बैजन्ती किंडो, नरेंद्र मिंज, आरक्षक मुकेश पांडे और नगर सैनिक बलिराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही, यह घटना सिर्फ एक हत्या नहीं बल्कि अंधविश्वास के खतरनाक चेहरे की चेतावनी है जो आज भी समाज में जिंदा है, और सवाल यही है कि कब तक शक के नाम पर निर्दोषों की जान ली जाती रहेगी।
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