राजनांदगांव 5 अप्रैल (आरएनएस) एक ही रात में तीन बड़ी चोरियों से दहशत फैलाने वाला अंतर्राज्यीय शेट्टी गैंग आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया है, 14 मार्च 2026 की रात करीब 3 बजे जीवन-ए कॉलोनी में जब लोग गहरी नींद में थे तब 3-4 बदमाशों ने एक घर का दरवाजा तोड़कर अंदर घुसते हुए महिला को डराया और आलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात पार कर दिए, इसी के साथ लक्ष्मीनगर और बी कॉलोनी में भी ताला तोड़कर चोरी की वारदातें की गईं, लगातार हुई इन घटनाओं ने पुलिस के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी, थाना बसंतपुर में अपराध क्रमांक 127/26, 128/26 और 130/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 331(4), 305, 3(5) और 303(3) में मामले दर्ज कर जांच शुरू की गई, मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन में साइबर सेल और थाना बसंतपुर की संयुक्त टीम बनाई गई, टीम ने शहरभर के 100 से ज्यादा CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले, हर मूवमेंट को ट्रैक किया और तकनीकी विश्लेषण के जरिए आरोपियों की लोकेशन दुर्ग, भिलाई, रायपुर होते हुए बिलासपुर और फिर हैदराबाद तक पहुंच गई, इसके बाद पुलिस टीम सीधे हैदराबाद पहुंची और दो दिन तक लगातार निगरानी और दबिश के बाद तीन आरोपियों को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया,

गिरफ्तार आरोपियों में शशी कुमार पिता वासु कुमार उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम सैलम तिलायम पट्टी थाना सैलम जिला सैलम (हैदराबाद), सेट्टी विजय पिता देवेंद्र कुमार उम्र 45 वर्ष निवासी नामपल्ली रेलवे स्टेशन क्षेत्र थाना बंजारा हिल्स हैदराबाद, तथा सेट्टी सूर्या पिता विजय कुमार उम्र 31 वर्ष निवासी गोडूपल आयतनगर थाना रिंगरोड उप्पल नगर जिला हैदराबाद शामिल हैं, ये सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं और संगठित गिरोह के रूप में वारदात को अंजाम देते थे,
पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने राजनांदगांव में एक ही रात तीन जगह चोरी की वारदात को अंजाम दिया और फिर बिलासपुर के सरकंडा व मोपका क्षेत्र में भी हाथ साफ किया, इसके बाद ट्रेन से फरार होकर हैदराबाद पहुंच गए थे, पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 5 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए जिनमें चांदी के दिए, कटोरे, बिछिया, टॉप्स, कड़े, बाजूबंद और सोने के टॉप्स व लॉकेट शामिल हैं, साथ ही घटना में इस्तेमाल चाकू भी जब्त किया गया है, आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध की धाराएं 111, 112, 310 बीएनएस और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की गई है और उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है, हालांकि इस गिरोह के दो अन्य सदस्य अभी फरार हैं जिनकी तलाश जारी है, इस पूरी कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक विनय पम्मार, थाना प्रभारी एमन साहू सहित पूरी टीम की अहम भूमिका रही, पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि घर खाली छोड़ने से पहले पड़ोसियों और पुलिस को सूचना दें ताकि ऐसी वारदातों को रोका जा सके, यह कार्रवाई साफ संदेश देती है कि चाहे अपराधी कितनी भी दूर क्यों न भाग जाए, तकनीक और पुलिस की पकड़ से बचना अब लगभग नामुमकिन है।

