चंडीगढ़,05 अपै्रल (आरएनएस)। पंजाब पुलिस की काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने चंडीगढ़ स्थित बीजेपी कार्यालय पर ग्रेनेड हमले में शामिल पांच लोगों को गिरफ्तार कर लिया है. काउंटर-इंटेलिजेंस विंग ने चंडीगढ़ पुलिस के साथ मिलकर एक संयुक्त अभियान में यह सफलता हासिल की.
पंजाब के पुलिस महानिदेशक गौरव यादव ने बताया कि आरोपियों के कब्जे से एक हैंड ग्रेनेड, .30 बोर की जिगना पिस्तौल और गोला-बारूद जब्त किया गया है. आरोपियों की पहचान बलविंदर लाल उर्फ शमी, जसवीर सिंह उर्फ जस्सी, चरणजीत सिंह उर्फ चन्नी, रुबल चौहान और मनदीप उर्फ अभिजीत शर्मा के रूप में हुई है.
डीजीपी ने बताया कि शुरुआती जांच से पता चला है कि इस मॉड्यूल को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का समर्थन हासिल था और यह पुर्तगाल तथा जर्मनी में मौजूद विदेशी हैंडलरों के निर्देश पर काम कर रहा था. उन्होंने बताया कि आरोपी एक सुनियोजित नेटवर्क का हिस्सा थे, जिसमें हमले को अंजाम देने के लिए कई कटआउट और उप-मॉड्यूल शामिल थे.
डीजीपी ने आगे कहा कि हमले में शामिल दो मुख्य अपराधियों की पहचान भी कर ली गई है, और इस मामले में उनके संबंधों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है.
डीजीपी यादव ने कहा, इसमें कई कटआउट और सब-मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया था. इस कार्रवाई ने क्षेत्र में शांति और सद्भाव को बिगाडऩे के उद्देश्य से रची गई एक बड़ी आतंकी साजिश को प्रभावी ढंग से नाकाम कर दिया है. इस मामले में शामिल मुख्य आरोपी को पकडऩे के प्रयास जारी हैं.
अधिकारियों ने बताया था कि बुधवार शाम करीब 5 बजे बीजेपी कार्यालय के पास एक संदिग्ध देसी विस्फोटक फेंका गया था, जिससे उसमें धमाका हुआ था. हालांकि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ था.
बुधवार शाम सोशल मीडिया पर सामने आए एक वीडियो में एक व्यक्ति को नीले रंग के ग्रेनेड से पिन निकालकर उसे फेंकते हुए दिखाया गया था, जबकि दूसरा व्यक्ति इस पूरी घटना को रिकॉर्ड कर रहा था. धमाका होने से ठीक कुछ पल पहले ही ये दोनों वहां से भागते हुए दिखाई देते हैं.
10-सेकंड के वीडियो में उनके चेहरे दिखाई नहीं दे रहे थे, और फुटेज की प्रामाणिकता की अभी पुष्टि होनी बाकी है. सीसीटीवी कैमरा रिकॉर्डिंग में धमाके के तुरंत बाद संदिग्धों को सड़क पार करते और भागते हुए भी कैद किया गया है.
प्रतिबंधित संगठन बब्बर खालसा इंटरनेशनल के सुखजिंदर सिंह बब्बर से जुड़े एक अलग, सोशल मीडिया पोस्ट में, संगठन ने इस घटना की जिम्मेदारी ली थी.
बुधवार (1 अप्रैल) को चंडीगढ़ के सेक्टर-37 में स्थित बीजेपी कार्यालय पर एक ग्रेनेड फेंका गया था. असिस्टेंट इंस्पेक्टर जनरल (स्टेट स्पेशल ऑपरेशंस सेल) दीपक पारेख ने बताया कि जांच में यह भी पता चला है कि आरोपियों ने हैंड ग्रेनेड, हथियार और कारतूसों की एक खेप पहुंचाई थी, जिसे अंतिम हमलावरों को सौंपने से पहले कई गुर्गों के जरिये आगे बढ़ाया गया था.
पारेख ने कहा कि पुर्तगाल में बैठे एक हैंडलर के निर्देशों पर काम करते हुए, आरोपियों ने हमले की डिलीवरी और उसे अंजाम देने का तालमेल बिठाया. उन्होंने आगे कहा, पुलिस की टीमें हमले में शामिल फरार हमलावरों को पकडऩे के लिए छापेमारी कर रही हैं.
इस घटना के संबंध में 3 अप्रैल को मोहाली में आर्म्स एक्ट की धारा 25(1)( बी) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 61(2) के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी.
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