सीतापुर 5 अप्रैल (आरएनएस)। सदरपुर क्षेत्र के चलाकापुर गांव में हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। पहले ही दो महिलाओं की जिंदा जलकर मौत हो चुकी थी, वहीं रविवार सुबह जिला अस्पताल में इलाज के दौरान 7 वर्षीय मासूम मीनाक्षी ने भी दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि खाना बनाते समय लगी आग ने देखते ही देखते कई घरों को अपनी चपेट में ले लिया। इदुरा (75) और फूलमती (55) की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि गंभीर रूप से झुलसी मीनाक्षी जिंदगी की जंग हार गई। हादसे में कई परिवारों के आशियाने जलकर खाक हो गए। गांव में हर तरफ चीख-पुकार और मातमी सन्नाटा पसरा है। जिलाधिकारी डॉ. राजा गणपति आर मौके पर पहुंचे और पीडि़तों को हर संभव मदद व मुआवजे का भरोसा दिलाया।
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अग्निकांड पीडि़तों के आंसू पोंछने पहुंचे जनप्रतिनिधि, मदद का मिला भरोसा
सीतापुर। चलाकापुर गांव में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जनप्रतिनिधियों और नेताओं का गांव पहुंचना लगातार जारी है। शनिवार रात विधायक आशा मौर्या ने मौके पर पहुंचकर पीडि़तों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। रविवार को जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार गुप्ता ने तिरपाल वितरित किए, वहीं पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह वर्मा ने अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर खाद्य सामग्री और अंगवस्त्र बांटे। इसके अलावा भाजपा नेता मोहन प्रसाद बारी, अंकुशराज विश्वकर्मा, सांसद प्रतिनिधि अनुपम राठौर और मीसम अम्मार रिजवी ने भी गांव पहुंचकर पीडि़तों का हाल जाना और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।
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आग ने उजाड़ा सपना: बेटी की शादी से पहले ही जल गया घर, पिता की आंखों में बेबसी
सीतापुर। चलाकापुर अग्निकांड ने सिर्फ घर ही नहीं जलाए, बल्कि कई सपनों को भी राख कर दिया। पीडि़त राजू की 20 वर्षीय बेटी काजल की शादी 28 अप्रैल को तय थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं, दहेज का सामान और जरूरी नकदी भी जुटा ली गई थी, लेकिन एक ही रात में सब कुछ जलकर खाक हो गया। अब राजू की आंखों में सिर्फ आंसू और चिंता है बेटी की शादी कैसे होगी? काजल, उसकी मां रूपा देवी, बहनें पूजा और रंजनी व भाई सूर्यांश का रो-रोकर बुरा हाल है। इस मुश्किल घड़ी में जिला पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार गुप्ता ने काजल की शादी के लिए 11 हजार रुपये की मदद दी, लेकिन परिवार के सामने अब भी बड़ा संकट खड़ा है। गांव में हर कोई इस दर्द को महसूस कर रहा है।
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जब गांव लौटा शव, फूट पड़ा ददर्: नम आंखों के बीच हुआ अंतिम संस्कार
सीतापुर। चलाकापुर अग्निकांड में जान गंवाने वाली फूलमती का शव जब रविवार शाम गांव पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। हर आंख नम थी और पूरे गांव में कोहराम मच गया। परिजनों की चीख-पुकार सुनकर वहां मौजूद लोगों का दिल दहल उठा। भारी भीड़ के बीच फूलमती का अंतिम संस्कार किया गया, जहां उनके पति सत्रोहन ने कांपते हाथों से चिता को मुखाग्नि दी। यह दृश्य हर किसी की आंखें नम कर गया। वहीं इदुरा और मासूम मीनाक्षी का अंतिम संस्कार उनके पैतृक गांव बाराबंकी के जगईपुर में किया गया। एक ही आग में तीन जिंदगियां खत्म होने से दोनों गांवों में शोक की लहर है।
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पीडि़तों को हर संभव मदद दी जाएगी, कोई भी परिवार असहाय नहीं रहेगा-डीएम
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सीतापुर। महमूदाबाद तहसील क्षेत्र के सरैया चलाकापुर गांव में हुए भीषण अग्निकांड के बाद जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया। जिलाधिकारी डॉ. राजागणपति आर ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और पीडि़तों को भरोसा दिलाया कि इस कठिन समय में प्रशासन आपके साथ खड़ा है, हर जरूरत पूरी की जाएगी। डीएम ने बताया कि आग से 18 परिवार प्रभावित हुए हैं और 21 झोपडिय़ां जलकर नष्ट हो गईं। तत्काल राहत के तहत प्रति झोपड़ी 8000 की दर से 1.68 लाख की सहायता दी जा रही है। साथ ही कपड़ों व घरेलू सामान के लिए प्रति परिवार 2500-2500 की अतिरिक्त मदद भी दी जा रही है। हादसे में 3 लोगों की मौत पर डीएम ने कहा, मृतकों के परिजनों को 4 लाख प्रति व्यक्ति की सहायता दी जाएगी। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सभी प्रभावित परिवारों को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध कराया जाएगा।
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