—- गर्मी के मौसम में सतर्कता बरतें, छोटी सावधानियों से टल सकती हैं बड़ी दुर्घटनाएं। अग्नि सुरक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट, जनमानस से सहयोग की अपील।
कुशीनगर, 06 अप्रैल (आरएनएस)। जिलाधिकारी, अध्यक्ष जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण महेंद्र सिंह तंवर ने वर्तमान में तेजी से बढ़ती गर्मी के दृष्टिगत संभावित अग्निकांड की घटनाओं से बचाव के लिए आम जनमानस से विशेष सावधानी बरतने की अपील किया है।
जिलाधिकारी ने बताया कि गर्मी के मौसम एवं तेज पछुआ हवाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में अग्निकांड की घटनाएं बढ़ जाती हैं, जिससे घर, खेत, खलिहान एवं जान-माल की भारी क्षति होती है। उन्होंने कहा कि छोटी-छोटी सावधानियां अपनाकर इन घटनाओं को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है।उन्होंने किसानों से विशेष रूप से अपील किया है कि कटनी के बाद खेतों में बचे डंठलों (पराली) में आग न लगाएं। खेतों में लगे ट्रांसफार्मरों के आसपास लगभग 10 फीट तक साफ-सफाई बनाए रखें, जिससे विद्युत फॉल्ट या तारों से निकलने वाली चिंगारी से फसल को नुकसान न हो। ढीले बिजली तारों की सूचना तत्काल विद्युत विभाग को दें तथा शॉर्ट सर्किट से बचाव हेतु समय-समय पर वायरिंग की मरम्मत कराएं। जिलाधिकारी ने आमजन से कहा कि जलती हुई माचिस, बीड़ी या सिगरेट को इधर-उधर न फेंकें। खाना बनाते समय ढीले-ढाले या पॉलिस्टर के कपड़े न पहनें, बल्कि सूती कपड़ों का प्रयोग करें। माचिस और लाइटर बच्चों की पहुंच से दूर रखें। रसोईघर में आग बुझाने के लिए बालू/मिट्टी एवं पानी की व्यवस्था अवश्य रखें। यदि रसोई फूस की हो तो दीवारों पर मिट्टी का लेप करें। गर्मियों में भोजन प्रातः 9 बजे से पूर्व एवं सायं 6 बजे के बाद ही बनाएं। उन्होंने यह भी कहा कि हवन आदि कार्य सुबह 9 बजे से पहले ही सम्पन्न करें। मवेशियों की सुरक्षा हेतु उनके पास पर्याप्त पानी की व्यवस्था रखें एवं निगरानी बनाए रखें। सार्वजनिक स्थानों, बसों एवं ट्रेनों में ज्वलनशील पदार्थ लेकर न चलें तथा स्वयं के साथ अपने आसपास के लोगों को भी जागरूक करें। यदि किसी स्थान पर आग लगती है तो सामुदायिक सहयोग से उसे बुझाने का प्रयास करें तथा तत्काल फायर ब्रिगेड एवं प्रशासन को सूचना दें।
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