रायपुर, 06 अप्रैल (आरएनएस)। प्रदेश के बहुचर्चित रामअवतार जग्गी हत्याकांड में हाइकोर्ट द्वारा अमित जोगी को दोषी ठहराए जाने और उम्रकैद की सजा सुनाये जाने के बाद फैसले के खिलाफ अमित जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की है। सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 20 अप्रैल को सुनवाई करेगा। अब पूरे मामले में अंतिम फैसला सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिका हुआ है। वहीं रामअवतार जग्गी के पुत्र सतीश जग्गी ने दोषी को फांसी देने की मांग करने की बात कही है।
बात दे कि छत्तीसगढ़ बहुचर्चित राम अवतार जग्गी हत्याकांड में 23 साल बाद बड़ा न्यायिक फैसला सामने आया है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने अपने 78 पन्नों के फैसले में स्पष्ट किया कि अमित जोगी इस हत्याकांड की साजिश का हिस्सा थे। कोर्ट ने उन्हें आजीवन कारावास के साथ 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं देने पर 6 महीने की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। कोर्ट ने यह भी कहा कि जब अन्य आरोपी दोषी पाए गए, तो अमित जोगी को बिना ठोस कारण के बरी नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने अमित जोगी को सरेंडर करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है, जिसकी अंतिम तारीख 23 अप्रैल तय की गई है।
फैसले के बाद मृतक राम अवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने भावुक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह न्यायपालिका की जीत है और उनके परिवार ने लंबे समय तक संघर्ष किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान परिवार को कई बार धमकाया गया और सामाजिक दबाव झेलना पड़ा। सतीश जग्गी ने आगे कहा कि वे दोषी को फांसी की सजा दिलाने की मांग करेंगे।
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