रांची 7 अप्रैल (आरएनएस)। रांची जिले में निजी विद्यालयों की फीस निर्धारण को लेकर जिला प्रशासन ने एक अहम कदम उठाते हुए जिला स्तरीय जांच एवं निर्णय समिति की पहली बैठक उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित की। इस समिति का गठन 20 मार्च 2026 को किया गया था, जिसका उद्देश्य निजी स्कूलों द्वारा वसूली जा रही फीस की समीक्षा कर अभिभावकों को राहत दिलाना है। बैठक में अभिभावकों से प्राप्त शिकायतों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही, झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन द्वारा सौंपे गए ज्ञापन और उसमें उठाई गई मांगों पर भी गंभीरतापूर्वक विचार-विमर्श हुआ। समिति के समक्ष स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वृद्धि, विभिन्न मदों में अतिरिक्त शुल्क वसूली और नियमों के उल्लंघन जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से रखे गए। झारखंड पेरेंट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय राय ने बैठक पर संतोष जताते हुए कहा कि सभी मुद्दों पर गहन समीक्षा से अभिभावकों में न्याय की उम्मीद जगी है। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अभिभावक निजी स्कूलों की मनमानी से परेशान थे, लेकिन अब प्रशासन की सक्रियता से समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल दिख रही है। उन्होंने झारखंड शिक्षा न्यायाधिकरण (संशोधन) अधिनियम, 2017 को सख्ती से लागू करने की मांग की, ताकि फीस निर्धारण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा, हर निजी विद्यालय में अभिभावक-शिक्षक संघ (पता) का गठन अनिवार्य करने पर भी जोर दिया गया, जिससे अभिभावकों की भागीदारी बढ़े और मनमानी पर रोक लगे। संघ ने जिला प्रशासन से अपेक्षा जताई है कि बैठक में उठाए गए सभी मुद्दों पर जल्द ठोस निर्णय लिया जाए, ताकि आगामी शैक्षणिक सत्र में अभिभावकों को अनावश्यक आर्थिक बोझ से राहत मिल सके।
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