०भय से मुक्ति, सम्मान की जिंदगी: प्रधानमंत्री आवास योजना से बदली मड़कम सोमडू की तकदीर
सुकमा,०७ अप्रैल (आरएनएस)। जिले में शासन की पुनर्वास नीति और जिला प्रशासन के सतत प्रयासों का सकारात्मक असर लगातार देखने को मिल रहा है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में शांति स्थापना और मुख्यधारा से जुडऩे की दिशा में किए जा रहे प्रयासों के बीच जनपद पंचायत छिंदगढ़ के ग्राम पंचायत हमीरगढ़ निवासी मड़कम सोमडू पिता जोगा की जीवन-यात्रा एक प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आई है। भय और अनिश्चितता से भरे अतीत को पीछे छोड़कर आज वे सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन जी रहे हैं।मड़कम सोमडू पूर्व में नक्सल संगठन से जुड़े हुए थे, जहां उनका जीवन हमेशा खतरे और तनाव के बीच गुजरता था। न स्थायी घर था, न भविष्य की कोई योजना—जंगलों में भटकता जीवन ही उनकी मजबूरी बन चुका था। लेकिन शासन की पुनर्वास नीति ने उनके भीतर एक नई उम्मीद जगाई और उन्होंने साहस दिखाते हुए आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया। यह कदम उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ।आत्मसमर्पण के बाद जिला प्रशासन ने उन्हें पुनर्वास योजनाओं से जोड़ते हुए जीवन को स्थिरता देने की दिशा में ठोस पहल की। प्रशासन के मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत उनकी पत्नी रीना के नाम से संयुक्त रूप से आवास स्वीकृत किया गया। इसके निर्माण हेतु तीन किश्तों में कुल १.२० लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई, जिससे पक्के आवास का सपना साकार हो सका। जिला प्रशासन की सतत मॉनिटरिंग और मैदानी अमले तकनीकी सहायक एवं रोजगार सहायक के सहयोग से आवास निर्माण कार्य समय पर पूर्ण कराया गया। आज मड़कम सोमडू और उनकी पत्नी रीना एक सुरक्षित, पक्के और सम्मानजनक घर में जीवन यापन कर रहे हैं। भावुक होकर उन्होंने कहा -पहले हर दिन डर और अनिश्चितता थी, आज अपने घर में सुरक्षित और सम्मान के साथ जी रहे हैं। यह सब शासन और प्रशासन की मदद से संभव हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन को पीएम आवास दिलाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
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