चंडीगढ़ 08 April, (Rns)- भारत-पाक सीमा पर फेंसिंग को करीब 200 मीटर तक शिफ्ट किए जाने के मामले में बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया गया है। इस कदम के तहत पंजाब के छह सरहदी जिलों में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा, जिससे सीमा सुरक्षा के साथ-साथ स्थानीय विकास को भी गति मिलने की उम्मीद है।
सरकार ने इस प्रक्रिया को तेज और सरल बनाने के लिए अहम बदलाव किए हैं। अब भूमि अधिग्रहण से जुड़े सभी अधिकार सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) को सौंप दिए गए हैं। SDM को कलेक्टर की शक्तियां दी गई हैं, जिससे मुआवजा तय करने, पुनर्वास और अन्य प्रशासनिक फैसले जिला स्तर पर ही लिए जा सकेंगे।
अधिकारियों के अनुसार, इस निर्णय से किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। पहले जहां मुआवजा और पुनर्वास के लिए लंबी प्रशासनिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता था, वहीं अब फैसले स्थानीय स्तर पर तेजी से होंगे। इससे प्रभावित किसानों को समय पर मुआवजा और पुनर्वास सुविधाएं मिलने की संभावना बढ़ेगी।
सरहदी इलाकों में रहने वाले किसानों के लिए यह फैसला राहत भरा माना जा रहा है। प्रशासन का दावा है कि नई व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और भूमि अधिग्रहण से जुड़े विवाद भी कम होंगे। फिलहाल, संबंधित जिलों में सर्वे और प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी चल रही है, और जल्द ही अधिग्रहण की औपचारिक कार्यवाही शुरू होने की संभावना है।

