नईदिल्ली ,08 अपै्रल (आरएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच 2 हफ्ते के युद्धविराम की घोषणा होने के बाद भारत ने इसका स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि इस युद्धविराम से पश्चिमी एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी और समस्याओं पर विराम लगेगा। भारत ने आशा जताई कि युद्धविराम से होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार का प्रवाह बना रहेगा, जिसकी वजह से ईंधन संकट पैदा हुआ था।
मंत्रालय ने बयान में कहा, हम युद्धविराम का स्वागत करते हैं और आशा करते हैं कि इससे पश्चिम एशिया में स्थायी शांति स्थापित होगी। हमने पहले भी कई बार कहा है, मौजूदा संघर्ष को जल्द समाप्त करने के लिए संवाद और कूटनीति आवश्यक हैं। इस संघर्ष ने लोगों को भारी पीड़ा पहुंचाई है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार नेटवर्क को बाधित किया है। हम आशा करते हैं कि होर्मुज जलडमरूमध्य से निर्बाध नौवहन और वैश्विक व्यापार प्रवाह जारी रहेगा।
युद्धविराम के बाद विदेश मंत्री एस जयशंकर मॉरीशस और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) का दौरा करेंगे। पश्चिमी एशिया में युद्ध शुरू होने के बाद यह किसी भारतीय मंत्री का पहला खाड़ी देश का दौरा है। जयशंकर पहले हिंद महासागर सम्मेलन में भाग लेने मॉरीशस जाएंगे। इसके बाद यूएई जाएंगे। यह दौरा 9 से 12 अप्रैल तक रहेगा। यूएई दौरे में भारत का एजेंडा ऊर्जा सुरक्षा सबसे प्रमुख है। बता दें कि यूएई ईरान हमलों की चपेट में था।
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