रांची 8 अप्रैल (आरएनएस)। आलम हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान डायरेक्टर डॉ. मजीद आलम, डॉ. उमर और डॉ. तनवीर आलम ने झारखंड में पहली बार एडवांस लेप्रोस्कोपिक बैरियाट्रिक सर्जरी की सफलता की जानकारी दी। डॉक्टरों ने बताया कि यह जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किया गया और मरीज अब पूरी तरह स्वस्थ है। इस मौके पर डॉ. मजीद आलम ने कहा कि इस अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से मरीज का ऑपरेशन सफल रहा, जो झारखंड में पहली बार किया गया है। उन्होंने इसे राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि बताया। वहीं सर्जरी को अंजाम देने वाले डॉ. उमर ने बताया कि यह एक जटिल बैरियाट्रिक (मोटापा कम करने वाली) सर्जरी थी, जिसके लिए विशेष तैयारी करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन थिएटर की टीम के लिए भी यह एक नया अनुभव था।
उन्होंने बताया कि मोटापा एक गंभीर बीमारी है, जो कई अन्य स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म देती है। रांची की 40 वर्षीय महिला मरीज, जिनका बीएमआई 38.1 था, को पहले कंजर्वेटिव इलाज पर रखा गया, लेकिन सुधार नहीं होने पर सर्जरी का निर्णय लिया गया। करीब दो घंटे तक चले इस ऑपरेशन में मरीज के पेट का आकार छोटा किया गया, जिससे वजन नियंत्रित किया जा सके। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति सामान्य है और उसे अगले 18 से 22 महीनों तक नियमित फॉलो-अप में रहना होगा।
इस सर्जरी टीम में डॉ. उमर, डॉ. मजीद आलम, डॉ. अज़हर, सीनियर एनेस्थीसिया विशेषज्ञ, डॉ. पुष्पा, ओटी असिस्टेंट ओवैस अख्तर और सिस्टर आरती शामिल थे।
डॉक्टरों ने यह भी बताया कि इस तरह की सर्जरी में साइड इफेक्ट्स बेहद कम होते हैं और सही मार्गदर्शन के साथ मरीज बेहतर जीवन जी सकता है। उन्होंने लोगों से मोटापा को गंभीरता से लेने और समय पर इलाज कराने की अपील की। साथ ही यह भी कहा गया कि बड़े महानगरों की तुलना में रांची में इस प्रकार की बैरियाट्रिक सर्जरी का खर्च अपेक्षाकृत कम है, जिससे स्थानीय मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है।
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