नई दिल्ली 09 April, (Rns): आज के दौर में नौकरीपेशा लोगों पर काम का दबाव इस कदर बढ़ गया है कि उनके लिए ऑफिस और निजी जिंदगी के बीच की लकीर लगभग मिट सी गई है। इसी खौफनाक सच्चाई को बयां करता एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने हर किसी को हैरान करने के साथ-साथ सोचने पर मजबूर कर दिया है। वायरल वीडियो में एक युवक आधी रात को करीब 12:15 बजे अपनी बाइक पर बैठकर लैपटॉप पर काम करता हुआ नजर आ रहा है। जब पूरा शहर गहरी नींद में सो रहा था, उस वक्त यह शख्स सड़क किनारे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठकर पूरी तरह से काम में डूबा हुआ दिखा।
चेहरे पर साफ दिखी थकान, कैप्शन ने खींचा लोगों का ध्यान
इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए इस वीडियो का कैप्शन लोगों का खूब ध्यान खींच रहा है। वीडियो शेयर करते हुए लिखा गया है- ‘रात के 12 बजे बाइक पर रोमांस नहीं, लैपटॉप के साथ फाइनेंस चल रहा है।’ यह लाइन पढ़ने और सुनने में भले ही थोड़ी मजाकिया लगे, लेकिन इसके पीछे छिपी काम के भारी दबाव की सच्चाई बेहद गंभीर और डराने वाली है। वीडियो में जब कैमरा इस युवक की तरफ मुड़ता है, तो वह पल भर के लिए ऊपर देखकर हल्की सी मुस्कान दे देता है। हालांकि, उसके चेहरे पर साफ झलक रही थकान चीख-चीख कर बता रही है कि वह लंबे समय से बिना थमे काम कर रहा है।
किसी ने कहा ‘घर जाओ’, तो किसी ने बताया जानलेवा लापरवाही
इस वायरल वीडियो ने इंटरनेट पर एक नई बहस छेड़ दी है और लोग इस पर जमकर अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कुछ यूजर्स इसे भारतीय कॉर्पोरेट कल्चर की कड़वी सच्चाई बता रहे हैं, तो एक यूजर ने चिंता जताते हुए लिखा, ‘भाई घर जाकर सो जाओ।’ वहीं, कई लोगों ने सड़क पर इस तरह से लैपटॉप खोलकर काम करने को बेहद खतरनाक भी बताया है। उनका तर्क है कि रात के अंधेरे में सड़क किनारे ऐसा करने से न सिर्फ सड़क हादसों का खतरा बढ़ता है, बल्कि लगातार काम का यह बोझ मानसिक और शारीरिक सेहत के लिए भी बहुत नुकसानदायक है।
वर्क-लाइफ बैलेंस की उड़ती धज्जियों का जीता-जागता सबूत
आपको बता दें कि यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी सोशल मीडिया पर कई ऐसे वीडियो सामने आ चुके हैं, जहां लोग कैब में, ट्रैफिक जाम में या यहां तक कि अपनी शादी के मंडप में भी लैपटॉप पर काम करते नजर आए हैं। यह वायरल वीडियो सिर्फ मनोरंजन का साधन नहीं है, बल्कि एक बड़ा संदेश देता है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग काम और अपनी पर्सनल लाइफ के बीच संतुलन बनाने के लिए किस हद तक संघर्ष करने को मजबूर हैं।

