नईदिल्ली ,09 अपै्रल (आरएनएस)। अमेरिका और ईरान के बीच हुए 2 हफ्तों के युद्धविराम समझौते में मध्यस्थता करने वाले पाकिस्तान की भूमिका को लेकर भारत में इजरायल के राजदूत रूवेन अजार ने संदेह जताया है। उन्होंने कहा कि इजरायल इस्लामाबाद को एक विश्वसनीय पक्ष के रूप में नहीं देखता है। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ने अपने निजी कारणों से पाकिस्तान से संपर्क करके उसकी मध्यस्थता सेवाओं का उपयोग करने का निर्णय लिया होगा।
अजार ने कहा, हम पाकिस्तान को एक भरोसेमंद खिलाड़ी नहीं मानते। मुझे लगता है कि अमेरिका ने अपने निजी कारणों से पाकिस्तान की मध्यस्थता का इस्तेमाल करने का फैसला किया है। हमने देखा है कि कैसे अमेरिका ने कतर-तुर्की जैसे मुश्किल देशों को साथ लेकर, हमास के साथ समझौता करने के अपने मकसद को पूरा किया। हमारे लिए बहुत जरूरी है कि हम अमेरिका के साथ तालमेल रखें, खासकर उस नतीजे के लिए जो हम देखना चाहते हैं।
अजार ने युद्धविराम पर कहा कि इजरायल को उम्मीद है कि बातचीत से दो अस्तित्वगत खतरों, ईरान के परमाणु कार्यक्रम और उसके बैलिस्टिक मिसाइल उत्पादन का समाधान होगा। उन्होंने आगे कहा कि इजरायल का उद्देश्य ईरानी शासन को कमजोर करके ईरानी लोगों को अपने भविष्य को अपनाने का अवसर देना था, और उन्होंने दावा किया, हमने वह हासिल कर लिया है। उन्होंने कहा, अब जब हमारी सैन्य कार्रवाई समाप्त हो चुकी है, तो हम कूटनीति की ओर बढ़ रहे हैं।
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