अयोध्या 9 अप्रैल (आरएनएस)। बीकापुर कोतवाली क्षेत्र में युवती के साथ गैंगरेप करने एवं फोन से वीडियो बनाकर जान से मारने की धमकी देने के बहुचर्चित मामले में आरोपितों वेद प्रकाश व राम भवन पर अपराध साबित न होने पर गुरूवार को बरी हो गये। यह फैसला विशेष न्यायाधीश फास्ट ट्रैक प्रथम प्रदीप कुमार सिंह ने बचाव व अभियोजन पक्ष के तर्कों एवं गवाहों के बयान पर सुनवाई के पश्चात दिया है। यह घटना बीकापुर कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की 6 साल पूर्व की है। बचाव पक्ष से वरिष्ठ अधिवक्ता सुधाकांत त्रिपाठी व गोविंद तिवारी ने आरोपित पक्ष से पैरवी किया। तर्क दिया कि दोनों निर्दोष हैं प्रथम सूचना रिपोर्ट विलम्ब से दर्ज करायी गयी है। रेप का मुकदमा होने के 6 माह बाद भी पीडि़ता ने कहीं शिकायत नहीं किया। घटना स्थल कोई सूनसान स्थान की बतायी जाती है जिसमे समय सीमा का घटना में उल्लेख नहीं है। वहां लोगों का आवागमन हर समय बना रहता है। मुकदमा दूसरे के कहने पर लिखाया गया है। अभियोजन पक्ष के मुताबिक 1 नवम्बर 2020 को एक गांव की 20 वर्षीय युवती को पकड़कर गांव के बाग में ले जाकर गैंगरेप किया इसके बाद फोन से उसका वीडियो बना लिया गया। इसके बाद उसे डराया धमकाया गया कि किसी से इस बारे में बताओगी तो जान से मार देंगे। कुछ दिन बाद यह मुकदमा पीडि़ता के भाई की तहरीर पर बीकापुर कोतवाली में राम भवन व वेद प्रकाश के विरूद्ध अपराध संख्या 655/2020 अन्तर्गत धारा 376 डी व 506 के तहत दर्ज कराया गया। विवेचना के पश्चात विवेचक ने दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंग रेप की धारा में आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जहां सुनवाई के पश्चात 24 दिसम्बर को दोनों आरोपियों के विरूद्ध आरोप पत्र कोर्ट में बनाया गया। अभियोजन पक्ष से पीडि़ता समेत आधा दर्जन गवाह पेश किये गये। गवाहों के बयानों तथा बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के पश्चात न्यायाधीश ने दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देकर गुरूवार को बरी कर दिया।
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