देहरादून,09 अपै्रल (आरएनएस)। दून पुस्तक महोत्सव 2026′ देहरादून में साहित्य, इतिहास, सिनेमा और तकनीक का संगम बनकर पाठकों और विचारकों को जोड़ रहा है। राष्ट्रीय पुस्तक न्यास द्वारा आयोजित इस आयोजन में खोजी पत्रकारिता, पटकथा लेखन, नेतृत्व, अध्यात्म और क्षेत्रीय साहित्य जैसे विविध विषयों पर चर्चाएँ हो रही हैं। पहले दिन जुपिंदर सिंह ने भगत सिंह की खोई हुई पिस्तौल की खोज का अनुभव साझा किया, जबकि अद्वैता काला ने स्वतंत्र भारत में महिलाओं की बदलती छवि और फिल्म लेखन पर विचार रखे। दूसरे दिन बृजेश देसाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीवन यात्रा पर चर्चा की और कुलप्रीत यादव ने 1857 के गुमनाम नायकों को याद किया। आचार्य प्रशांत ने युवाओं को जीवन के गहरे प्रश्नों पर सोचने को प्रेरित किया।फिल्म निर्देशक इम्तियाज अली ने पर्दे के पीछे की कहानियाँ सुनाईं, वहीं उत्तराखंड के कवियों ने क्षेत्रीय साहित्य की महक बिखेरी। अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला और लेफ्टिनेंट जनरल सतीश दुआ ने अपने अनुभवों से युवाओं को प्रेरित किया। आने वाले दिनों में नेताजी सुभाष चंद्र बोस की विरासत, 1946 के नौसेना विद्रोह और कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर चर्चाएँ होंगी।
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