लखनऊ 10 अप्रैल (आरएनएस ) के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम, रेशम, हथकरघा तथा वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने वित्तीय वर्ष 2026-27 की योजनाओं की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभागीय बजट का शत-प्रतिशत उपयोग नवंबर 2026 तक हर हाल में सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित कर ही प्रदेश में एमएसएमई, खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र को नई मजबूती प्रदान की जा सकती है।शुक्रवार को डालीबाग स्थित खादी ग्रामोद्योग बोर्ड भवन, लखनऊ में आयोजित समीक्षा बैठक में मंत्री ने कहा कि जिन विभागीय सेक्शनों की कार्ययोजनाएं अभी तक शासन को नहीं भेजी गई हैं, उन्हें बिना विलंब तत्काल प्रेषित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन प्रस्तावों पर अभी तक कार्यवाही लंबित है, उनकी वित्तीय स्वीकृतियां शीघ्र जारी कराई जाएं, ताकि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।बैठक के दौरान यह भी निर्देश दिया गया कि विभाग से संबंधित अधिकतम कार्य दिसंबर 2026 तक पूर्ण कर लिए जाएं। इसके लिए मंडल-स्तर पर प्रदर्शनियों और जागरूकता कार्यक्रमों का विस्तृत कैलेंडर तैयार किया जाए तथा समयबद्ध तरीके से इनका आयोजन सुनिश्चित किया जाए, जिससे योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लाभार्थियों तक पहुंच सके।मंत्री राकेश सचान ने अधिकारियों को सभी योजनाओं के लिए स्पष्ट टाइमलाइन तय करने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति की सतत समीक्षा से ही लक्ष्य समय पर पूरे किए जा सकते हैं। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के कुटीर एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे और स्थानीय उत्पादों को बाजार में बेहतर पहचान मिल सकेगी।बैठक में विभागीय अधिकारियों ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की और आगामी कार्ययोजना का विस्तृत खाका रखा। मंत्री ने सभी अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर योजनाओं को पूरा करने के लिए समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए और कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।इस अवसर पर प्रमुख सचिव हथकरघा एवं खादी अनिल कुमार सागर, आयुक्त एवं निदेशक उद्योग के. विजेंद्र पांडियन, मुख्य कार्यपालक अधिकारी खादी शिशिर सहित विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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