देहरादून,10 अपै्रल (आरएनएस)। तेजी से बदलती तकनीक के इस दौर में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो गई है। यह बात शुक्रवार को आईएमएस यूनिसन यूनिवर्सिटी देहरादून के स्कूल ऑफ मैनेजमेंट एंड लिबरल आर्ट्स की ओर से दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन रिडिफाइनिंग वैल्यू क्रिएशन डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन फॉर ए सस्टेनेबल एंड ह्यूमन सेंट्रिक इकॉनमी की शुरुआत के दौरान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो अनिल सुब्बाराव पायला ने कही। उन्होंने नवाचार के साथ- साथ नैतिक मूल्यों और ज्ञान सृजन पर विशेष जोर दिया। उप कुलपति प्रो अनिथा रामचंदर ने डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को आधुनिक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला प्रमुख कारक बताते हुए कहा कि इसे सस्टेनेबिलिटी और मानवकेंद्रित सोच के साथ जोडऩा समय की आवश्यकता है। सम्मेलन के मुख्य अतिथि कुलपति क्लस्टर यूनिवर्सिटी ऑफ जम्मू प्रो केएस चंद्रशेखर ने कहा कि डिजिटल परिवर्तन ने विभिन्न क्षेत्रों में मूल्य सृजन की प्रक्रिया को नया आयाम दिया है। इसके बाद भूटान की रॉयल यूनिवर्सिटी के केशर नाथ धकाल ने डिजिटल सिटीजनशिप पर अपने विचार रखे। नाइजीरिया की स्काईलाइन यूनिवर्सिटी से ऑनलाइन जुड़ीं सरदा मगंती, अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट अलाबामा के डॉ मार्क डेविस ने अपने विचार रखे। उद्घाटन सत्र का समापन कॉन्फ्रेंस चेयर और डीन प्रो सुनील के. जखोरिया ने किया। पहले दिन 91 शोध पत्र प्रस्तुत किए गए।
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