कोण्डागांव, 11 अप्रैल (आरएनएस)। कोंडागांव जिले में ‘अंगना में शिक्षा’ कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को जिले के सभी प्राथमिक शालाओं में ‘पढ़ई तिहार’ का व्यापक आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर श्रीमती नूपुर राशि पन्ना के निर्देशन में तथा जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान एवं जिला मिशन समन्वयक ईमल बघेल के नेतृत्व में संपन्न हुआ।
शिक्षा विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के पांचों विकासखंड—कोंडागांव, माकड़ी, फरसगांव, बड़ेराजपुर एवं केशकाल की कुल 1252 प्राथमिक शालाओं में आयोजित इस कार्यक्रम में 48,372 छात्र-छात्राएं, 2,754 शिक्षक-शिक्षिकाएं तथा बड़ी संख्या में माताएं एवं अभिभावक शामिल हुए। पूरे जिले में उत्साहपूर्ण वातावरण के साथ शिक्षा को जनआंदोलन का रूप दिया गया।
‘अंगना में शिक्षा’ पहल क्या है
‘अंगना में शिक्षा’ एक अभिनव पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों को घर एवं आंगन के वातावरण में सरल, सहज और आनंददायक तरीके से शिक्षा प्रदान करना है। इस अभियान में अभिभावकों, विशेषकर माताओं की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाती है, ताकि वे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया में सहयोग कर सकें। इससे बच्चों की बुनियादी साक्षरता एवं गणनात्मक कौशल (एफएलएन) को मजबूती मिलती है और शिक्षा के प्रति सकारात्मक वातावरण तैयार होता है।
‘पढ़ई तिहार’ से बढ़ रही जागरूकता
‘पढ़ई तिहार’ के माध्यम से बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों, नवाचारों एवं शिक्षण पद्धतियों का प्रदर्शन किया गया। इससे समुदाय में शिक्षा के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ी और अभिभावकों की सहभागिता मजबूत हुई।
मॉनिटरिंग और ऑनलाइन एंट्री
कार्यक्रम के सफल संचालन हेतु सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों, स्रोत समन्वयकों, संकुल प्राचार्यों एवं समन्वयकों के साथ डीआरजी एवं बीआरजी टीमों द्वारा सतत निरीक्षण किया गया। साथ ही राज्य स्तर पर प्राप्त लिंक के माध्यम से ऑनलाइन एंट्री का कार्य भी किया गया।
इस बार किए गए प्रमुख बदलाव
इस वर्ष ‘पढ़ई तिहार’ में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं । बढ़ती गर्मी को देखते हुए कार्यक्रम की तिथि 25 अप्रैल के स्थान पर 11 अप्रैल निर्धारित की गई। समर कैंप अब स्कूलों में न होकर घरों में आयोजित किया जाएगा, जिसमें माताओं की भूमिका प्रमुख रहेगी।
समर कैंप में तीन प्रमुख बिंदु को शामिल किया गया है, जिसमें ब्लैकबोर्ड कॉर्नर के तहत घर में बच्चों के लिए छोटा ब्लैकबोर्ड या लेखन कोना तैयार कर उन्हें नियमित अभ्यास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। दूसरा बच्चों में अनुशासन और स्वच्छता की आदत विकसित करने हेतु यूनिफार्म के महत्व पर जोर दिया जाएगा और तीसरा ओआरएस एवं स्वास्थ्य जागरूकता के तहत गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए ओआरएस, नारियल पानी, नींबू पानी एवं नियमित जल सेवन की आदत विकसित की जाएगी।
समर कैंप के संचालन की जिम्मेदारी ‘स्मार्ट माता’ को सौंपी गई है, जो घर पर ही बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन करेंगी। इस कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी कोंडागांव समग्र शिक्षा के पेडागॉजी प्रभारी श्रीनिवास नायडू (एपीसी) द्वारा दी गई।
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