विकासनगर,11 अपै्रल (आरएनएस)। उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड एवं भारतीय उद्यमिता विकास संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में संचालित देवभूमि उद्यमिता योजना के अंतर्गत डाकपत्थर महाविद्यालय में नवाचार एवं बाजार की पहुंच विषय पर शनिवार को एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य छात्र-छात्राओं को बदलते आर्थिक, सामाजिक और व्यावसायिक परिवेश में उद्यमिता, स्वरोजगार और बहु-कौशल विकास के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में योजना की कार्ययोजना अधिकारी सपना ने विद्यार्थियों को उद्यमिता के विभिन्न आयामों, वैश्विक बाजार में उसकी प्रासंगिकता और रोजगार सृजन में उसकी भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल नौकरी पाना ही लक्ष्य नहीं होना चाहिए, बल्कि युवाओं को रोजगार देने वाला बनने की दिशा में आगे बढऩा चाहिए। उन्होंने नवाचार,आत्मनिर्भरता,नेतृत्व क्षमता और बाजार की समझ को सफल उद्यमी के मूल तत्व बताया। द्वितीय सत्र में छात्र-छात्राओं की व्यावसायिक अभिरुचि और उद्यमशील सोच को समझने के लिए बहुविकल्पीय परीक्षा आयोजित की गई। योजना के नोडल अधिकारी डॉ. हरीश चंद्र जेटली ने कहा कि यह पहल विद्यार्थियों की निर्णय क्षमता और बदलते बाजार के प्रति समझ को विकसित करने में सहायक है। कार्यशाला के समापन पर महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) डीएस नेगी ने वर्तमान वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवाओं को बदलती आर्थिक संरचनाओं के अनुरूप व्यावहारिक ज्ञान, कौशल और नवाचारी सोच विकसित करनी होगी।इस अवसर पर भौतिक विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ. विनोद रावत, वाणिज्य विभाग के सहायक प्राध्यापक डॉ. राजेश कुमार शाह और शिक्षा संकाय की विभागाध्यक्ष डॉ. रुचि बहुखंडी उपस्थिति रही।
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