लखनऊ लखीमपुर ,11 अपै्रल (आरएनएस)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखीमपुर खीरी के लोगों को बड़ी सौगात देते हुए चंदन चौकी (पलिया) में आयोजित कार्यक्रम में नदियों से भूमि क्षरण से प्रभावित पूर्वी उत्तर प्रदेश के 2350 परिवारों तथा थारू जनजाति के 4356 परिवारों को भौमिक अधिकार पट्टों का वितरण किया। इसके साथ ही पलिया, श्रीनगर, निघासन और गोला गोकर्णनाथ विधानसभा क्षेत्रों की 817 करोड़ रुपये लागत की 314 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने थारू जनजाति के कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति देखी और उनकी संस्कृति को संरक्षित रखने के प्रयासों की सराहना की।मुख्यमंत्री ने कहा कि सच्चा शासन वही होता है जहां जनता सुखी हो और शासन का उद्देश्य जनता-जनार्दन की खुशहाली सुनिश्चित करना हो। उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार को अधिकार दिया है और सरकार जनता को अधिकार पत्र देकर उनके सम्मान और आत्मनिर्भरता की गारंटी दे रही है। यह कार्यक्रम अधिकार से आत्मनिर्भरता और आत्मनिर्भरता से आत्मसम्मान की ऐतिहासिक यात्रा का प्रतीक है।मुख्यमंत्री ने कहा कि दशकों से जिन परिवारों को जमीन पर अधिकार नहीं मिल पाया था, आज उनकी अधूरी यात्रा पूरी हो रही है। उन्होंने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश से आए स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों और थारू समाज के लोगों की कई पीढिय़ां बीत गईं, लेकिन उन्हें भूमि का स्वामित्व नहीं मिल सका था। अब 4356 थारू परिवारों को 5338 हेक्टेयर भूमि तथा 2350 परिवारों को 4251 हेक्टेयर भूमि का भौमिक अधिकार प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसे लोगों को सम्मान और स्थायित्व देना है, जिन्होंने वर्षों तक संघर्ष किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों में संवेदनशीलता का अभाव था और अनेक योजनाएं केवल सीमित क्षेत्रों तक सिमट कर रह जाती थीं, जबकि वर्तमान सरकार प्रदेश के सभी 75 जनपदों में समान रूप से विकास कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में ‘जहां जिसका घर, वहां उसका अधिकारÓ सुनिश्चित किया जा रहा है, जिससे लोगों को जमीन, नाम, सम्मान और पहचान मिल रही है।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने किसानों को आश्वस्त करते हुए कहा कि बेमौसम वर्षा और ओलावृष्टि से प्रभावित किसानों के नुकसान का आकलन कराया जा रहा है। फसल बीमा योजना और आपदा राहत कोष के माध्यम से प्रभावित किसानों को सहायता प्रदान की जाएगी तथा जनहानि या पशुहानि की स्थिति में 24 घंटे के भीतर सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार थारू समाज को लाभार्थी से उद्यमी बनाने की दिशा में कार्य कर रही है। खीरी में स्थापित थारू हस्तशिल्प कंपनी इसी सोच का उदाहरण है, जिसके माध्यम से स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाया जाएगा। इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आर्थिक सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा।उन्होंने कहा कि लखीमपुर खीरी में गोला गोकर्णनाथ कॉरिडोर का निर्माण कार्य प्रगति पर है और क्षेत्र में औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए पीएलए प्लांट और प्लास्टिक पार्क की योजनाएं भी विकसित की जा रही हैं। श्रीनगर में मेडिकल कॉलेज की स्थापना, शारदा नदी की ड्रेजिंग तथा एयर कनेक्टिविटी के विस्तार जैसे कार्यों से जिले के सर्वांगीण विकास को गति मिली है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार समावेशी विकास के मॉडल पर कार्य कर रही है, जिसके अंतर्गत हर गरीब को आवास, हर खेत तक पानी और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित उत्तर प्रदेश की परिकल्पना शीघ्र ही साकार होगी।इस अवसर पर विभिन्न जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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