दुर्ग,13 अप्रैल (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के अमलेश्वर थाना क्षेत्र में हनीट्रैप के जरिए रचे गए अपहरण के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने चंद घंटों में खुलासा कर दिया। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि साजिश का मास्टरमाइंड पीडि़त परिवार का ही परिचित और भांजा निकला।
पुलिस ने इस मामले में एक महिला समेत कुल 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि अपहृत नाबालिग बालक को सकुशल बरामद कर लिया गया है।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनीषा चंद्रा ने बताया कि 12 अप्रैल को प्रार्थी ने थाना अमलेश्वर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके नाबालिग बेटे को मोटरसाइकिल बनवाने के बहाने तिरंगा चौक बुलाया गया, जहां अज्ञात लोगों ने उसका अपहरण कर लिया। घटना के बाद आरोपियों ने मोबाइल के जरिए संपर्क कर धमकी भी दी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अमलेश्वर पुलिस, साइबर सेल और एसीसीयू की संयुक्त टीम गठित कर जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और मुखबिर की सूचना के आधार पर आरोपियों की लोकेशन धमतरी जिले में ट्रेस की गई।
इसके बाद दुर्ग और धमतरी पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और बालक को सुरक्षित छुड़ा लिया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि मुख्य आरोपी संजय साहू, जो पीडि़त परिवार का परिचित और भांजा है, ने हेम पुष्पा साहू के माध्यम से हनीट्रैप की पूरी साजिश रची थी। योजना के तहत बालक को झांसे में लेकर साथियों के साथ मिलकर अपहरण किया गया। आरोपियों ने आर्थिक लाभ और फिरौती के उद्देश्य से इस वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है।गिरफ्तार आरोपी – शैलेन्द्र लहरे (25 वर्ष), कृष्णा साहू उर्फ करण (28 वर्ष), रविंद्र लहरे (20 वर्ष), संजय साहू (25 वर्ष), हेम पुष्पा साहू (24 वर्ष)।जब्त सामग्री- एक सेंट्रो कार, 6 मोबाइल फोन ।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 137(2), 140(3), 351(3) और 61 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।दुर्ग पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया और अज्ञात लोगों से संपर्क के दौरान सतर्क रहें। हनीट्रैप जैसी घटनाओं से बचने के लिए सजग रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
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