-एकाग्रता,संयम व धैर्य के लिए जिम्मेदार मनोरसायन सेरोटोनिन
अयोध्या 13 अप्रैल (आरएनएस)। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के उद्यमिता व व्यवसाय प्रबंधन विभाग में आयोजित मेंटल-हेल्थ व्याख्यान सत्र का आयोजन कुलपति कर्नल डॉ बिजेंद्र सिंह के निर्देशन में किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रो. शैलेंद्र कुमार वर्मा ने किया। विशेषज्ञ के तौर पर जिला चिकित्सालय के मनोपरामर्शदाता डॉ. आलोक मनदर्शन रहे। डॉ. मनदर्शन ने कहा कि मानसिक-लचीलापन या मेन्टल-रेजीलिएंस विकसित कर चुनौतियों से लडऩे की क्षमता विकसित करता है। इसकी कमी होने पर स्ट्रेस जनित एंग्जाइटी, अवसाद,एंगर,सब्सटेंस यूज डिसऑर्डर, ओसीडी, इम्पल्स कंट्रोल डिसऑर्डर, कंडक्ट डिसऑर्डर,फैमिली कान्फ्लिक्ट व रिस्क बिहैवियर आदि मनोविकार हो सकते हैं। गुणवत्तापूर्ण नींद से ब्रेन-बैटरी चार्ज होकर स्ट्रेस-सेंसर अमिग्डाला को शांत कर नयी चुनौतियों के लिये पुन: तैयार होती है। इस कारण स्ट्रेस नकारात्मक रूप डिस्ट्रेस यानि हताशा में न जाकर सकारात्मक रूप यूस्ट्रेस यानि प्रेरक-ऊर्जा में बदल कर यूफोरिया या आनंद में परिवर्तित हो जाता है। इन हार्मोंन से ब्रेन-सॉफ्टवेयर रिफ्रेश होता रहता है जिससे तनाव, द्वन्द, कुंठा व मनोथकान से उत्पन्न स्ट्रेस-हार्मोन कोर्टिसाल व एड्रेनिल उदासीन होता है। प्रो. हिमांशु शेखर के संयोजन में आयोजित व्याख्यान सत्र का संचालन डॉ. राकेश कुमार ने किया। इस अवसर पर विभाग के सभी शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।
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