कोलकाता/चुंचुड़ा 15 अप्रैल (आरएनएस)। एक ओर जहां बंगाल चुनावी बुखार में तप रहा है तो वहीं केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने राज्य में कई चुनावी सभाओं को सम्बोधित किया। इसी क्रम में हुगली जिले के चुंचुड़ा में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को तब असहज हालात का सामना करना पड़ा जब पार्टी के ही नेताओं की आपसी खींचतान सामने आया। चुंचुड़ा में पार्टी के समर्थकों के बीच अफरा-तफरी तब मच गई जब पार्टी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचने के बावजूद कथित तौर पर स्मृति ईरानी का सब्र टूट गया और वे बीच रास्ते से ही वापस लौट गईं। स्थानीय सूत्रों पार्टी के समर्थकों के अनुसार, स्मृति को पोयला बैसाख के मौके पर चुंचुड़ा के क्लॉक टावर क्रॉसिंग पर होने वाली एक जनसभा में शामिल होना था। लेकिन, आरोप है कि बड़े नेताओं के तय समय पर कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने के बावजूद, भाजपा के जिला अध्यक्ष का कहीं कोई अता-पता नहीं था। इसके अलावा, यह भी बताया गया है कि उनके स्वागत के लिए पार्टी का एक भी बड़ा नेता वहां मौजूद नहीं था। यहां तक कि हुगली जिले के भाजपा संगठनात्मक अध्यक्ष गौतम चटर्जी इस कार्यक्रम में अनुपस्थित रहे। भागवा खेमे के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक, जिला नेतृत्व की उदासीनता और वहां फैली अव्यवस्था देखकर स्मृति बेहद नाराज हो गईं। आरोप है कि औपचारिक स्वागत करना तो दूर, नेता के साथ न्यूनतम शिष्टाचार भी नहीं बरता गया। यही कारण हैं कि लौट गईं। इधर भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिम बंगाल में अपनी मातृशक्ति भरोसा पहल शुरू की है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने घोषणा की है कि सत्ता में आने पर राज्य की सभी महिलाओं को प्रति माह 3,000 रुपये मिलेंगे। यह घोषणा एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई, जिसमें भाजपा के वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे। स्मृति ईरानी ने स्पष्ट किया कि प्रस्तावित योजना के तहत कोई श्रेणी-आधारित प्रतिबंध नहीं है और कहा, कोई भेदभाव नहीं है। बंगाल की सभी महिलाओं को 3,000 रुपये मिलेंगे। यह भाजपा की प्रतिबद्धता है। उन्होंने आगे दोहराया कि पार्टी इस पहल के तहत राज्य भर की सभी महिलाओं को मासिक वित्तीय सहायता प्रदान करने की योजना बना रही है। बहरहाल मामले पर भाजपा उम्मीदवार सुबीर नाग ने लीपापोती की कोशिश करते हुए कहा कि स्मृति ईरानी अपने अन्य कार्यक्रमों के कारण वापस चली गईं।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

