लाहौर, 16 अपै्रल। पाकिस्तान के लाहौर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। यहां प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्य आमिर हमजा को गोली मार दी गई है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा को एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर गोली मारी गई है। वह अस्पताल में भर्ती हैं। उनकी हालत गंभीर है। उनको गोली किसने मारी, इसको लेकर अभी कोई जानकारी सामने नहीं आई है। हमजा भारत में हुए कई आतंकवादी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है।
हमजा ने आतंकवादी हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर-ए-तैयबा की सह-स्थापना की है। वह हाफिज का दाहिना हाथ माना जाता है। हमजा अफगान मुजाहिदीन का एक अनुभवी सदस्य हैं। हमजा लश्कर-ए-तैयबा के आधिकारिक प्रकाशन का संपादक है और उसने कई किताबें लिखी हैं, जिसमें 2002 में प्रकाशित काफिला दावत और शहादत शामिल है। अमेरिकी वित्त विभाग ने रुद्गञ्ज को आतंकवादी संगठन घोषित किया है और आमिर हमजा को प्रतिबंधित आतंकवादी के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
हमजा लश्कर-ए-तैयबा की केंद्रीय समिति में कार्यरत था। उसने धन जुटाने, भर्ती करने और हिरासत में लिए गए आतंकवादियों की रिहाई के लिए बातचीत में अपनी भूमिका निभाई थी। माना जाता है कि 2018 में, पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा लश्कर-ए-तैयबा से संबद्ध चैरिटी संस्थाओं जमात-उद-दावा और फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन पर वित्तीय कार्रवाई की गई थी। इसके बाद हमजा ने खुद को लश्कर-ए-तैयबा से खुद को अलग कर लिया और जैश-ए-मनकाफा नामक एक अलग गुट की स्थापना की है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमजा का संगठन जम्मू-कश्मीर सहित अन्य क्षेत्रों में आतंकवादी गतिविधियों को जारी रखे है। बताया जाता है कि यह समूह पाकिस्तान के भीतर स्वतंत्र रूप से काम कर रहा है और हमजा लश्कर-ए-तैयबा के नेतृत्व के साथ घनिष्ठ संपर्क में है।
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