रामकथा के पांचवे दिन भगवान राम के मिथिला गमन का वर्णन
लम्भुआ/सुल्तानपुर 16 अप्रैल (आरएनएस )। स्थानीय क्षेत्र के चौकिया गाँव में नव दिवसीय संगीतमयी श्रीराम कथा के पांचवे दिन कथा आचार्य पंडित राकेश जी महराज ने भगवान राम विवाह का मधुर वाचन किया।
गुरु वशिंष्ठ के साथ राम लक्मण का राजा जनक के यहाँ आयोजित धनुष यज्ञ में भाग लेने जाने की कथा का वर्णन किया। माता जानकी के गौरी पूजन के समय प्रभु राम के मोहक स्वरुप का सखियों द्वारा बताये जाने का महराज जी विस्तार से व्याख्या की। कथा क्रम को आगे बढ़ाते हुए महराज जी ने कहाँ की सब राजकुमारो और राजा के धनुष उठा पाने में असमर्थ रहने और और राजा जनक की पीड़ा देख गुरु के आदेश पर राम चंद्र जी ने एक झटके में धनुष को खंडित कर मिथिलाधीश की चिंता का निवारण किया। रामकथा वेत्ता राकेश जी द्वारा ऋषि परशुराम के क्रोध और भगवान राम के विनय का रोचक वर्णन किया। कथा के बाद राम विवाह के उत्सव का आयोजन किया गया जिसमे महिलाओ ने माँ जानकी के पाव का पूजन किया गया। आचार्य धन्यजय जी ने विवाह गीत की सुन्दर प्रस्तुति की।
मुख्य यजमान राम जन पाण्डेय और विमला देवी द्वारा आरती की गई।राम कथा में मुख्य रूप से लम्भुआ विधानसभा केपूर्व विधायक देवमणि दुबे, माताप्रसाद सिंह सत्य नारायण दुबे बालमुकुंद विश्वकर्मा लाल साहब बृज मोहन सिंह कमलाकांत पाण्डेय, राम चंद्र सिंह, माता प्रसाद सिंह, राम कृष्ण पाण्डेय, प्रभव पाण्डेय,अनय पाण्डेय अवनीश सिंह समेत बड़ी सख्या में कथा प्रेमी मौजूद थे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

