महासमुंद, 16 अप्रैल (आरएनएस)। छत्तीसगढ़ के महासमुंद जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ए सी बी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत बेमचा के सरपंच देवेन्द्र चंद्राकर को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी सरपंच को एनओसी जारी करने के एवज में 1 लाख रुपये लेते हुए पकड़ा गया।
जानकारी के मुताबिक, आरोपी ने प्रार्थी सूरज राम रात्रे से कुल 4 लाख रुपये की मांग की थी। इसमें से 50 हजार रुपये वह पहले ही अग्रिम के रूप में ले चुका था। बाद में मोलभाव कर सौदा 3.80 लाख रुपये में तय हुआ।
प्रार्थी ने एसीबी रायपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी पत्नी के नाम पर ग्राम बेमचा के इंद्रा कॉलोनी में स्थित आबादी भूमि पर निर्माण के लिए पहले एनओसी मिल चुकी थी, जिसे वर्तमान सरपंच ने निरस्त कर दिया और दोबारा एनओसी जारी करने के लिए रिश्वत की मांग करने लगा।
शिकायत का सत्यापन होने के बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई। 16 अप्रैल 2026 को प्रार्थी को 1 लाख रुपये की अगली किस्त देने भेजा गया। जैसे ही सरपंच ने रकम ली, पहले से तैनात एसीबी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।
एसीबी ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और मामले के अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया है कि रिश्वतखोरी किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
स्थानीय लोगों ने इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए उम्मीद जताई है कि इससे प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ेगी।
०००
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

