धमतरी,16 अप्रैल (आरएनएस)। वर्तमान में अपन धमतरी जिला मुख्यालय से लगी 2,3 सड़के चौड़ीकरण होने जा रही है जिसके चलते लगभग 1000 पेड़ काटे जाएंगे कहा जा रहा है और उसके बदले 10 गुना लगाए जाएंगे वो भी लगभग 1.5ष्ह्म् खर्च कर क्या यह सही है. हमारी संस्था जन जागरण सेवा समिति ने शहरी क्षेत्र में वर्ष 2019 से 2022 तक को बनाने मेहनत करी है जिसमें ज्यादा तर रोड के किनारे नाली के बाजू लगाए गए हैं जिससे कभी भी काटने ना पड़े अभी जिन पेड़ो को काटने का निर्णय (चिन्हांकन) किया गया है उनके नाम एवं संख्या जनता को एवं हमारी संस्था को बताया जाए और हम उन पौधे को पुन: लगा कर पेड़ बनाने का काम करेंगे तथा उसी जाती के पौधे को पेड़ बनाने का कार्य करेंगे जो अति आवश्यक है उन्हीं को काटा जाए यह भी निवेदन है। हमारी संस्था ने जितना सर्वे किया है उसमें फलदार पेड़ हैं एवं निम के पेड़ भी हैं खास तौर पर देसीआम के पेड़ जो 40/50 वर्ष पुराने हैं उन्हें काटा जा रहा है वर्तमान में अत्याधुनिक व्यवस्थाएं (तकनीक)आ गई हैं जिनका उपयोग कर पेड़ो को काटने से बचना चाहिए मगर वन विभाग को ऐसा करने से तकलीफ हो रही है उसने तकनीक का उपयोग कभी भी नहीं किया और तो और जिस प्रजापति के पेड़ काटा जाता है उसी प्रजाति के पेड़ भी नहीं लगाती है क्योंजिला अस्पताल के बाजू में बिल्डिंग निर्माण किया गया उस समय भी पेड़ो को काट कर 10 गुना लगाने की बात कही गई मगर उक्त स्थल या अन्य स्थल पर कौन सा लगाया गया यह जानकारी छुपाई गई।न्यायालय भी यह बोल चुका है काटने से बचे मगर वन विभाग तकनीक का उपयोग नहीं करता है लगता है पूर्व में भ्रष्टाचार करने के लिए यह व्यवस्था बनाई गई थी जो अभी तक चल रही है।अपन धमतरी में बायपास निर्माण के समय 4588 पेड़ो के बदले 10 गुना लगाने का दावा फेल हो गया है यह जीवंत उदाहरण है ऐसे में अगर जिला प्रशासन एवं वन विभाग इस बार इस विषय को गंभीरता से नहीं लेता है तो हम न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे और पेड़ो को बचाने आगे आएंगे और पर्यावरण को बर्बाद होने से बचाएंगे।
Login
अपनी भाषा में समाचार चुनने की स्वतंत्रता | देश की श्रेष्ठतम समाचार एजेंसी

