जौनपुर 17 अप्रैल (आरएनएस)। सूरज के रौद्र रूप दिखाते ही मौसम गर्म और कष्टकारी बन गया है। मौसम ने इस कदर तल्खी दिखाई है कि जैसे जेठ जैसी तपिश हो। सूर्यदेव के रौद्र रूप और आसमान से बरसती आग ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है।गुरुवार को जौनपुर का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जिससे कई वर्षों के रिकॉर्ड टूटने की संभावना बढ़ गई है। सुबह से शुरू होने वाली गर्मी रात तक लोगों को बेचैन कर रही है।तेज धूप के चलते दोपहर होते ही शहर की सड़कों पर सियापा का माहौल दिखाई दे रहा है। ओलंदगंज, जेसीज चैराहा और कचहरी जैसे व्यस्त इलाकों में दोपहर के बाद सन्नाटा पसर जा रहा है।गर्म हवाओं के थपेड़े इतने तेज हैं कि बाइक सवारों का चलना भी मुश्किल हो गया है। लोग गमछा, मास्क और चश्मे से खुद को ढंककर बाहर निकलने को मजबूर हैं।भीषण गर्मी का असर लोगों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है। जिला अस्पताल और निजी क्लीनिकों में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक, बुखार और पेट से जुड़ी बीमारियों के मामले बढ़ गए हैं। डॉक्टरों का कहना है कि इस मौसम में पानी की कमी जानलेवा साबित हो सकती है, इसलिए धूप से बचना बेहद जरूरी है।गर्मी का असर सिर्फ इंसानों तक सीमित नहीं है। ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर गिरने और तालाब सूखने से पशु-पक्षियों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है।वहीं, बढ़ते तापमान ने जायद की फसलों और सब्जियों को भी नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। किसान लगातार सिंचाई कर फसलों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन तेज धूप उनकी मेहनत पर भारी पड़ रही है। मौसम विभाग के संकेतों के अनुसार, आने वाले दिनों में गर्मी और बढ़ सकती है। फिलहाल राहत के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
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