सुल्तानपुर 17 अप्रैल (आरएनएस)। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) और बजरंग दल ने अवैध धर्मांतरण और तथाकथित लव जिहाद की घटनाओं पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार से राष्ट्रव्यापी कठोर कानून बनाने की मांग की है।
बजरंग दल के प्रांत संयोजक सुशील राष्ट्रवादी जी ने कहा कि हाल ही में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) नासिक से जुड़े मामले के सामने आने के बाद यह मुद्दा गंभीर हो गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की गतिविधियां केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि टेक महिंद्रा जैसी अन्य बहुराष्ट्रीय कंपनियों तक भी फैली हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पढ़े-लिखे युवाओं के माध्यम से धर्मांतरण के प्रयासों की खबरें चिंताजनक हैं और इसकी व्यापक जांच होनी चाहिए। विहिप ने उन महिला पुलिसकर्मियों की सराहना की, जिन्होंने कथित रूप से मामले का खुलासा करने में भूमिका निभाई। विहिप नेताओं ने दावा किया कि इस प्रकार की घटनाएं देश की सामाजिक और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चुनौती बन सकती हैं। उन्होंने कहा कि कुछ राज्यों में बने सख्त कानूनों से ऐसी गतिविधियों पर अंकुश लगा है, इसलिए पूरे देश में एक समान और प्रभावी कानून लागू किया जाना चाहिए। संगठन ने यह भी मांग की कि मामले की जांच राष्ट्रीय स्तर पर की जाए और आवश्यकता पडऩे पर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जैसी एजेंसियों को शामिल किया जाए।
इस संबंध में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा। इस अवसर पर बजरंग दल प्रांत संयोजक सुशील राष्ट्रवादी, विभाग संयोजक गौरव पांडेय, जिला उपाध्यक्ष दिवाकर जिला संयोजक प्रांजल सिंह, जिला सहसंयोजक यशदीप ठठेर, मोतिगरपुर प्रखंड संयोजक अनमोल अग्रहरि, जयसिंहपुर प्रखंड संयोजक अमन जायसवाल, गिरीश मिश्रा, सत्यम अग्रहरि, सूरज अग्रहरि, रमेश मोदनवाल, विहिप प्रांत कार्यकारिणी सदस्य राम मनोहर एवं रामेश्वर सिंह, सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विहिप और बजरंग दल ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की कि वे राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राष्ट्रीय हित में अवैध धर्मांतरण के खिलाफ कठोर कानून बनाने की दिशा में कदम उठाएं।
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