लखनऊ 17 अप्रैल (आरएनएस )। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित तीन जिलों में आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया और प्रोटीन कुपोषण से बचाव के लिए जागरूकता परियोजना शुरू करने की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश सरकार के परिवार स्वास्थ्य एवं कल्याण विभाग के साथ मिलकर एक निजी पोषण उत्पाद कंपनी द्वारा शुरू की जा रही यह परियोजना दो अन्य जिलों सिद्धार्थनगर और श्रावस्ती में भी लागू की गई है।यहां परियोजना की घोषणा के दौरान परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश के महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल तथा संबंधित कंपनी के प्रबंध निदेशक शशि रंजन मौजूद रहे। शुरू की जा रही इस परियोजना का उद्देश्य जागरूकता, शुरुआती जांच और सामुदायिक स्तर पर बचाव के उपायों के माध्यम से बच्चों और समुदायों को प्रभावित करने वाली दो प्रमुख पोषण संबंधी चुनौतियों—आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया और प्रोटीन कुपोषण—का समाधान करना है।एक सामाजिक संस्था के सहयोग से लागू की जा रही यह परियोजना शुरुआत में चयनित जिलों में संचालित की जाएगी, जिसके बाद तय योजना के तहत इसे बड़े स्तर पर विस्तारित किया जाएगा।प्रबंध निदेशक शशि रंजन ने कहा कि उनकी संस्था देश की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्राथमिकताओं को समर्थन देने के लिए पूरी तरह समर्पित है और भारत सरकार के एनीमिया मुक्त भारत अभियान के साथ मिलकर कार्य करने पर उन्हें गर्व है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के साथ ऐसी साझेदारियां देश के स्वस्थ भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, क्योंकि बेहतर पोषण स्वस्थ समाज की बुनियादी आवश्यकता है।परिवार कल्याण, उत्तर प्रदेश के महानिदेशक डॉ. एच.डी. अग्रवाल ने कहा कि आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया और प्रोटीन कुपोषण का समाधान सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी प्राथमिकताओं में शामिल है, क्योंकि इसका बच्चों के स्वास्थ्य और विकास पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ता है। उन्होंने कहा कि यह पहल सामुदायिक स्तर पर शुरुआती पहचान और जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।इस कार्यक्रम के तहत एक लाख से अधिक बच्चों की बिना सुई चुभाए की जाने वाली एनीमिया जांच की जाएगी। इसके साथ ही 2,000 से अधिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को विशेष उपकरणों के माध्यम से आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया की जांच करने और स्वस्थ खानपान के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।स्कूल आधारित कार्यक्रमों के माध्यम से इस पहल के लगभग 2,50,000 विद्यार्थियों तक पहुंचने की उम्मीद है। इसके अतिरिक्त, लोगों को जागरूक करने के लिए “इंडिया का आयरन अप करेंगे” नामक जनहित अभियान गीत भी जारी किया जाएगा।भारत में एनीमिया आज भी बड़ी संख्या में लोगों, विशेषकर महिलाओं और बच्चों को प्रभावित कर रहा है। ऐसे में यह पहल समय पर जांच, पोषण के प्रति बेहतर जागरूकता और स्वास्थ्य क्षेत्र के विभिन्न पक्षों के बीच सहयोग के महत्व को रेखांकित करती है। संबंधित संस्था ने विज्ञान आधारित समाधान और निरंतर प्रयासों के माध्यम से देश के पोषण लक्ष्यों को समर्थन देने और स्वस्थ भविष्य के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
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