लखनऊ 17 अप्रैल (आरएनएस )। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि भाजपा को समझना बहुत मुश्किल है और उसके फैसलों को समझना उससे भी ज्यादा कठिन है। उन्होंने कहा कि जब लोगों से कहा गया कि एसआईआर की प्रक्रिया से वोट कटने से रोका जाएगा, तब उत्तर प्रदेश में देखा गया कि उसी के बहाने एनआरसी जैसी प्रक्रिया लागू करने की कोशिश की गई। उन्होंने सवाल उठाया कि भविष्य में यदि एनआरसी लागू किया जाएगा तो लोगों से कौन-कौन से नए कागज मांगे जाएंगे।संसद परिसर में पत्रकारों से वार्ता करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि महिला आरक्षण के बहाने सरकार अपनी मनमर्जी से परिसीमन कर लोकसभा क्षेत्रों का गठन करना चाहती है, ताकि भविष्य में चुनावों में हार से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि जनता सब देख रही है और जब भी मतदान का अवसर आएगा, भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ेगा।उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी महिलाओं के खिलाफ नहीं है, बल्कि महिला आरक्षण के पक्ष में है, लेकिन महिला आरक्षण के सहारे लोकतंत्र और संविधान की धज्जियां उड़ाना उचित नहीं है। उन्होंने प्रश्न उठाया कि सरकार अपनी इच्छा से निर्वाचन क्षेत्र क्यों बनाना चाहती है। उन्होंने असम और जम्मू-कश्मीर का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां निर्वाचन क्षेत्रों के गठन को लेकर लोगों ने कई सवाल उठाए हैं। भाजपा ने विभिन्न क्षेत्रों में राज्य का दर्जा देने सहित कई वादे किए थे, लेकिन उन वादों का क्या हुआ, यह जनता जानना चाहती ह अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार अब घरों की गणना की बात कर रही है, जबकि लोगों की सही गिनती नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जनगणना होने पर जातीय जनगणना की मांग भी तेज होगी, क्योंकि कई जातियां ऐसी हैं जिनकी अब तक सही गणना नहीं हो सकी है और उन्हें गिनती में शामिल किया जाना आवश्यक है।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने के बावजूद देश में सबसे कम वेतन नोएडा क्षेत्र में मिल रहा है। सरकार को महंगाई के अनुपात में श्रमिकों के वेतन पर विचार करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों के स्वार्थ के कारण श्रमिकों के वेतन में वृद्धि नहीं की जा रही है और अधिक मुनाफा कमाने तथा भ्रष्टाचार की प्रवृत्ति के कारण महंगाई बढ़ रही है।अखिलेश यादव ने कहा कि पीडीए के जो सांसद सत्ता पक्ष में बैठे हैं, उनके मन का बहुमत समाजवादी विचारधारा के साथ है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा अपने वादों और इरादों पर स्थिर नहीं रहती और परिस्थितियों के अनुसार अपने निर्णय बदलती रहती है।उन्होंने यह भी कहा कि नोएडा को जानबूझकर नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, जबकि वहां सबसे अधिक उद्योग स्थापित हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि एक महिला की गोली लगने से हुई मौत के मामले को छुपाने के लिए समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को रोका गया और मजदूरों से मिलने नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों के साथ अन्याय हुआ है, उन्हें न्याय दिलाने के बजाय लोगों को पकड़कर बंद किया जा रहा है।
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