प्रयागराज 17 अप्रैल (आरएनएस)। कुलभाष्कर आश्रम पी जी कॉलेज प्रयागराज में महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो गीतांजलि मौर्य के निर्देशन में महाविद्यालय की सांस्कृतिक समिति एवं मिशन-शक्तिके संयुक्त तत्वावधान में महिला शक्ति वंदन अधिनियम 2023 के समर्थन एवं प्रचार प्रसार कार्यक्रम के अंतर्गत व्याख्यान तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता प्रो आभा त्रिपाठी ने महिला शक्ति वंदन अधिनियम 2023 का समर्थन करते हुए इस अधिनियम की आवश्यकता एवं इसके प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की। प्रो त्रिपाठी ने इस अधिनियम को युगांतरकारी कदम बताते हुए कहा कि यह ऐतिहासिक कानून नीति निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित कर उन्हें निर्णायक भूमिका में लाएगा। प्रो शशिकांत त्रिपाठी ने अपने व्याख्यान में कहा कि नारी न केवल संतान को जन्म ही देती है बल्कि संस्कारों से उसका निर्माण कर समाज और राष्ट्र का भविष्य गढ़ती है। डॉ मनीष कुमार ने महिलाओं को परिवार, समाज और देश का महत्वपूर्ण स्तंभ बताया। कल्चरल क्लब प्रभारी डॉ मनीष श्रीवास्तव ने छात्राओं को नारी शक्ति को पहचानते हुए आगे आने को प्रेरित किया।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में बी एस सी द्वितीय सेमेस्टर के छात्र आर्यन चौधरी ने लोकगीत की भावुक प्रस्तुति दी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रो सी एस चौबे ने अपने उद्बोधन में कहा कि आधुनिक युग में नारी ने न केवल अपनी महत्ता को पहचाना है बल्कि दासता के बंधनों को तोड़ स्वतंत्र व्यक्तित्व को अपनाया है। इस कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्रो एस पी विश्वकर्मा, प्रो पी के पचौरी, डॉ अनुराग त्रिपाठी, डॉ अनिल कुमार, श्री परम प्रकाश सिंह, डॉ मनोज सिंह, डॉ एस पी यादव, डॉ पुनीत, डॉ प्रिया श्रीवास्तव, डॉ उर्मिला, डॉ रेखा तथा अन्य शिक्षक और कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
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