अयोध्या 17 अप्रैल (आरएनएस)। वामदलों ने नोएडा में होजरी एवं अन्य उद्योगों में कार्यरत श्रमिकों के पारिश्रमिक बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर हुए आंदोलन पर सोमवार को पुलिस की दमनात्मक कार्रवाई और उनके समर्थन में ट्रेड यूनियन के नेताओं को हाउस अरेस्ट करने की कड़ी निन्दा की है। भाकपा जिला सचिव अशोक कुमार तिवारी, माकपा जिला सचिव अशोक यादव एवं भाकपा (माले) जिला प्रभारी अतीक अहमद ने सभी गिरफ्तार श्रमिकों को अविलम्ब बिना शर्त रिहा करने, आंदोलन के सिलसिले में उन पर थोपे गए फर्जी मुकदमे तत्काल प्रभाव से वापस लेने और उनकी धर-पकड़ पर रोक लगाने की मांग की है। नेताओं ने श्रमिकों का पारिश्रमिक बढ़ाने, आठ घंटे काम लेने, साप्ताहिक अवकाश देने, वेतन का समय से भुगतान करने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करने जैसी पूर्णता जायज़ मांगों को मान लेने की अपील की है। नेताओं ने आगे कहा कि नोएडा समेत हाल के मजदूर आंदोलन सरकार द्वारा अपनाए गए चार लेबर कोड के गलत नीतियों के परिणाम हैं। नये लेबर कोड में श्रमिकों के अधिकारों में कटौती की गई है और नियोक्ताओं को काफी छूट दी गई है जिसको लेकर मजदूर वर्ग में गहरा असंतोष और आक्रोश है। नेताओं ने कहा कि नोएडा समेत प्रदेश में हुए श्रमिक आंदोलनों को सरकार बदनाम करने, श्रमिकों के अस्तित्व पर पैदा हुए संकट पर पर्दा डालने और प्रदेशवासियों को गुमराह करने की कोशिश कर रही है। सरकार को मजदूरों की पारिश्रमिक बढ़ाने समेत अन्य मांगों पर तत्काल ध्यान देना चाहिए। यह मजदूरों के जिन्दा रहने का संघर्ष है इसे पुलिस या किसी दमन से दबाया नहीं जा सकता। सरकार मजदूरों के बजाय पूंजीपतियों की नकेल कसे।
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