-भारतीय सांस्कृतिक परंपरा में मातृशक्ति सदैव पूजनीय रही : डॉ. बिजेंद्र सिंह
अयोध्या 17 अप्रैल (आरएनएस)। डॉ. राममनोहर लोहिया अवध विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में मिशन शक्ति 5 नारी सुरक्षा, सम्मान, स्वावलंबन के तहत महिला स्वावलंबन पर संगोष्ठी का आयोजन कुलपति कर्नल डॉ. बिजेंद्र सिंह की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि दीनदयाल उपाध्याय विश्वविद्यालय गोरखपुर की कुलपति प्रो. पूनम टंडन रही।
अध्यक्षीय उद्बोधन में कुलपति डॉ बिजेंद्र सिंह ने कहा कि आज का भारत वैश्विक पटल पर उभर रहा है तो इसका श्रेय नारी शक्ति को भी जाता है। हमारी सांस्कृतिक परंपरा में मातृशक्ति सदैव प्रथम पूजनीय रही। राष्ट्र के निर्माण में मातृशक्ति का सम्मान होना ही चाहिए। प्रदेश सरकार ने इसे और बल प्रदान किया है। कुलपति ने कहा कि सम्मान का अर्थ है-महिला की अस्मिता, उसकी पसंद और उसके निर्णयों का आदर करना। शैक्षणिक और प्रशासनिक निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करना ही सही मायने में उन्हें सम्मान देना है। Óमिशन शक्ति 5.0Ó का सबसे महत्वपूर्ण पहलू आर्थिक और बौद्धिक आत्मनिर्भरता है। उन्होंने छात्राओं से आह्वान करते हुए कहा कि आप सभी के भीतर असीमित ऊर्जा है। विज्ञान हो, खेल हो, राजनीति हो या उद्यमिता, आज कोई भी क्षेत्र बेटियों पहुँच से बाहर नहीं है। विश्वविद्यालय प्रशासन हर कदम पर आपके सपनों को पंख देने के लिए साथ खड़ा है। सभी छात्राओं को शारीरिक मानसिक और स्वास्थ्य पर फोकस करना है। विश्वविद्यालय प्रशासन हर कदम पर आपके सपनों को पंख देने के लिए आपके साथ खड़ा है। सिर्फ अंक प्राप्त करना ही योग्यता नहीं है उसके लिए तकनीकी कौशल आवश्यक है। विश्वविद्यालय शीघ्र ही नवीन परिसर में बेटियों के लिए छात्रावास का निर्माण करने जा रहा है। परिसर में शिक्षा का परिवेश निर्मित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। सभी क्षेत्र में आगे बढ़कर महिला समाज सशक्त भारत का निर्माण करें। मुख्य अतिथि प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि राष्ट्र नवनिर्माण में नारी शक्ति का योगदान आवश्यक है। सभी को दायित्वों के साथ आगे बढऩा है। चिकित्सा विज्ञान, अंतरिक्ष, शिक्षा, राजनीति, उद्यमिता के क्षेत्र में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी दिखाई दे रही है। शिक्षा से समाज में बड़ा परिवर्तन होगा। उन्होंने कहा कि दहेज जैसी परंपराओं का बहिष्कार सर्वसम्मति से आवश्यक है। घरेलू हिंसा में पुरुष कभी भागीदार न बने। इस तरह के कदम समाज की सोच में परिवर्तन लाएंगे। आज विश्वविद्यालय महिलाओं के लिए सुरक्षित स्थान है। संसद में प्रस्तुत होने जा रहा महिला विधायक समर्थ भारत की तस्वीर को उजागर कर रहा है। स्वागत उद्बोधन डॉ. गीतिका श्रीवास्तव मंच संचालन मनीष यादव ने किया। आभार ज्ञापन अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो नीलम पाठक के द्वारा किया गया। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि आईआईटी दिल्ली प्रो. तपन कुमार गांधी, वित्त अधिकारी पूर्णेन्दु शुक्ल, प्रो एस एस मिश्र, मनुचा पी जी कॉलेज प्राचार्या प्रो. मंजूषा पांडेय, प्रो. आशुतोष सिन्हा, प्रो हिमांशु शेखर सिंह, प्रो शैलेंद्र कुमार वर्मा, प्रो. विनोद कुमार श्रीवास्तव, प्रो. अनुज पटेल, प्रो. अनूप कुमार, प्रो फर्रुख जमाल, प्रो एस के रायजादा, प्रो. गंगाराम मिश्र, डॉ. विनोद कुमार चौधरी, प्रो. शैलेंद्र कुमार डॉ. अनिल यादव, ई परितोष, ई विनीत सिंह, सहित बड़ी संख्या मे शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे। इस अवसर पर अन्य कार्यक्रमों के तहत डॉ. राम मनोहर लोहिया की प्रतिमा पर कुलपति डॉ बिजेंद्र के नेतृत्व में मुख्य अतिथि ने सहित शिक्षकों ने माल्यार्पण किया गया। मिशन शक्ति 5 के तहत विभिन्न आयोजनों के लिए विश्वविद्यालय स्तर पर गठित 11 सदस्य टीम को कुलपति के द्वारा सम्मानित किया गया। मिशन शक्ति के द्वारा गठित क्लब अस्तित्व के तहत आयोजित कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। कुलपति डॉ. बिजेंद्र एवं मुख्य अतिथि प्रो. पूनम टंडन ने छात्र-छात्राओं के साथ पदयात्रा में हिस्सा लिया। विश्वविद्यालय के कुलपति मुख्य अतिथि प्रो. पूनम टंडन ने नारी वंदन शक्ति के हस्ताक्षर अभियान में हिस्सा लिया।
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