महासमुंद-बसना-18 अप्रैल (आरएनएस) केले की खेप के बीच छिपाकर करोड़ों का गांजा सप्लाई करने की साजिश पर महासमुंद पुलिस ने ऐसा वार किया कि तस्करों का पूरा खेल सड़क पर आ गया, ऑपरेशन निश्चय के तहत एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स और थाना बसना पुलिस की संयुक्त टीम ने ओडिशा से उत्तरप्रदेश जा रही एक आईशर प्रो 2059 ट्रक को पलसापाली बैरियर के पास नाकाबंदी कर रोका और तलाशी में जो सामने आया उसने सबको चौंका दिया, ट्रक में ऊपर से केला लदा था लेकिन अंदर 29 बोरियों में छुपाकर 912.760 किलोग्राम गांजा भरकर तस्करी की जा रही थी जिसकी कीमत 4 करोड़ 56 लाख 38 हजार रुपये आंकी गई, पुलिस को पहले ही पुख्ता सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध वाहन ओडिशा की ओर से आ रहा है, टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए घेराबंदी की और वाहन को रोका, पूछताछ में चालक की गतिविधियां संदिग्ध लगीं और जैसे ही बोरियों की जांच हुई पूरा राज खुल गया, तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का भी इस्तेमाल कर रहे थे, मौके से दो मोबाइल और चार फर्जी नंबर प्लेट भी बरामद की गईं, कार्रवाई में कुल 4 करोड़ 66 लाख 45 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की गई जिसमें गांजा, वाहन और अन्य सामग्री शामिल है, इस पूरे मामले में झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिला निवासी अब्दुल नईम पिता अब्दुल कलीम उम्र 42 वर्ष को गिरफ्तार किया गया है जो मानगो ओल्ड पुरुलिया रोड, केजीएन कॉलोनी जाकिर नगर का रहने वाला है, आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B)(ii)(C) के साथ-साथ बीएनएस की धारा 336(2), 338 और 340 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और उसे न्यायिक रिमांड पर कोर्ट में पेश करने की प्रक्रिया जारी है, पुलिस जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि यह खेप ओडिशा से उठाकर उत्तरप्रदेश भेजी जा रही थी, महासमुंद पुलिस की लगातार सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पिछले तीन महीनों में 72 मामलों में 5629.602 किलो गांजा जब्त किया गया है और 187 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है जिनमें 135 अन्य राज्यों के हैं, यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़ी तस्करी को रोकने में सफल रही बल्कि यह भी साफ कर दिया कि अब हाईवे पर ‘फल की आड़ में जहर’ नहीं चलेगा, क्योंकि पुलिस की नजर हर उस बोरि पर है जिसमें कानून से बड़ा बनने की कोशिश की जाएगी।


