०अक्षय तृतीया के अवसर बाल विवाह पर रहेगी प्रशासन की कड़ी नजर
बीजापुर,18 अप्रैल (आरएनएस)। जिले में बाल विवाह की रोकथाम के लिए कलेक्टर संबित मिश्रा ने सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने कहा है कि बाल विवाह एक गंभीर सामाजिक बुराई होने के साथ-साथ कानूनन अपराध भी है, जिस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।कलेक्टर ने बताया कि बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के तहत बाल विवाह में शामिल वर-वधू के माता-पिता, रिश्तेदार, बाराती, विवाह संपन्न कराने वाले (पुरोहित, मौलवी, पादरी) सहित कार्ड छापने, बैंड-बाजा और टेंट से जुड़े लोगों पर भी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है।उन्होंने कहा कि बाल विवाह के कारण बच्चों का शारीरिक और मानसिक विकास प्रभावित होता है। साथ ही कुपोषण, शिशु मृत्यु दर, मातृ मृत्यु दर और घरेलू हिंसा जैसी समस्याओं में भी वृद्धि होती है।आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की संभावनाओं को देखते हुए विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम पंचायत स्तर पर बाल विवाह प्रतिषेध अधिकारियों, पंचायत सचिवों, आंगनबाड़ी सुपरवाइजरों और कार्यकर्ताओं को सक्रिय रहकर निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।सभी विभागों को भी तय कार्ययोजना के अनुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।
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